
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बहराइच और बांदा में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की
बहराइच में सरयू 3 मीटर नीचे, बांदा में केन-यमुना खतरे के निशान से काफी नीचे-अभी जनजीवन सामान्य
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान लखनऊ, उत्तर प्रदेश
प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन में अपने प्रभार वाले जनपदों बहराइच एवं बांदा में बाढ़/जल भराव की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने रविवार को अपने लखनऊ स्थित सरकारी आवास के सम्मेलन कक्ष से दोनों जनपदों के जिलाधिकारियों तथा समस्त तहसीलों के उप जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअली माध्यम से व्यापक चर्चा की।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद बांदा में अगस्त के बाद नदियों में बाढ़ आने का विगत 10 वर्षों का कोई उदाहरण नहीं है, जबकि जनपद बहराइच में सितम्बर, अक्टूबर तक बाढ़ से जनजीवन प्रभावित होने का खतरा बना रहता है। मंत्री ने इससे निपटने के सभी उपाय हर स्तर पर किए जाने की तैयारियों की समीक्षा की।
जनपद बहराइच में सरयू नदी खतरे के निशान से 3 मीटर नीचे, घाघरा नदी 18 सेंटीमीटर नीचे तथा शारदा नदी खतरे के निशान से 71 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। इसी प्रकार बांदा में केन नदी खतरे के निशान से 9 मीटर तथा यमुना नदी खतरे के निशान से 10 मीटर नीचे बह रही है। दोनों जनपदों के अधिकारियों ने सूचना दी कि अब तक बाढ़ से जनजीवन प्रभावित नहीं हुआ है। जनप्रतिनिधियों से वार्ता में भी यही राय सामने आई कि अभी जनजीवन प्रभावित होने की संभावना नहीं है।
मंत्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूरी तरह सतर्क रहें, किसी भी प्रकार की चूक न हो। बाढ़ तथा जलभराव से क्षतिग्रस्त सड़कों पर सामान्य आवागमन निर्बाध रूप से जारी रहे और अतिवृष्टि से निपटने की सभी तैयारियां पूरी रखी जाएं।


