
नारायण सेवा के कृत्रिम अंगों से पुणे में खिले आत्मनिर्भरता के कदम
328 दिव्यांगजनों को मिले 361 नारायण मॉड्यूलर कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे, । नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर, टाटा टेली बिज़नेस सर्विसेज तथा न्यूमैन एंड एस्सार ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में जापान एवं जर्मन तकनीक से निर्मित 3डी प्रिंटेड नारायण मॉड्यूलर आर्टिफिशियल लिम्ब फिटमेंट शिविर तिरुपति मंगल कार्यालय, टिंगरे नगर में आयोजित हुआ। शिविर में चयनित 328 दिव्यांगजनों को 361 कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स निःशुल्क प्रदान कर उनका फिटमेंट किया गया। कृत्रिम अंग पाकर लाभार्थियों के चेहरों पर आत्मविश्वास की चमक और परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू दिखाई दिए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुणे जिला कलेक्टर जितेंद्र कुमार दुड़ी ने कहा कि यह केवल चिकित्सा सेवा नहीं, बल्कि मानवता की सच्ची साधना है। किसी दिव्यांगजन को दोबारा चलने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलना उसके साथ पूरे परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे टाटा मोटर्स के डिप्टी जनरल मैनेजर रोहित जैन ने कहा कि नारायण सेवा संस्थान का प्रयास मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। वर्षों से दूसरों के सहारे जीवन जी रहे लोगों को अपने पैरों पर खड़ा होते देखना अत्यंत भावुक और प्रेरणादायी अनुभव है।
संस्थान के ट्रस्टी एवं निदेशक देवेंद्र चौबीसा ने कहा कि दिव्यांगजनों को केवल कृत्रिम अंग उपलब्ध कराना संस्थान का उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ आत्मनिर्भर बनाना प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीक से निर्मित नारायण मॉड्यूलर कृत्रिम अंग उनके जीवन में गतिशीलता के साथ सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया विश्वास पैदा कर रहे हैं।

शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मेवाड़ी परंपरा के अनुरूप अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। संस्थान की 40 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने लाभार्थियों को कृत्रिम अंगों का फिटमेंट किया। चिकित्सकों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने उन्हें संतुलन बनाने, चलने की तकनीक, कृत्रिम अंगों के उपयोग और देखरेख का प्रशिक्षण भी दिया।
संस्थान निदेशक चौबीसा ने बताया कि 5 जुलाई को आयोजित चयन एवं मेजरमेंट कैंप में 396 से अधिक दिव्यांगजनों का पंजीकरण हुआ था। चयनित 328 लाभार्थियों में से 268 दिव्यांगजनों को 276 नारायण मॉड्यूलर कृत्रिम अंग तथा 60 दिव्यांगजनों को 85 कैलिपर्स का फिटमेंट किया गया। इस प्रकार कुल 361 कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स निःशुल्क उपलब्ध कराए गए।
कृत्रिम अंग प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की प्रेरणादायी परेड ने पूरे वातावरण को भावुक कर दिया। लंबे समय बाद अपने परिजनों को स्वयं चलते देखकर कई परिवारों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। किसी ने पहला कदम बढ़ाया तो किसी ने वर्षों बाद बिना सहारे चलने का अनुभव किया। इन कदमों में केवल गति नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और नए जीवन की उम्मीद भी दिखाई दी।

इस अवसर पर संस्थान के मुंबई शाखाध्यक्ष महेश अग्रवाल, संरक्षक सत्यभूषण जैन, विशिष्ट अतिथि टाटा टेली बिज़नेस सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट भिका चौधरी, यूथ अग्रवाल समाज अध्यक्ष करण अग्रवाल, समाजसेवी डॉ. सौभाग्य गुप्ता, सुरेश चंद अग्रवाल, अनुज सतपाल गर्ग, मुरारी लाल चोंमाल, दीपक मेहता एवं अंजू गोयल सहित अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
शिविर के आयोजन में संस्थान के सीएसआर विभाग प्रभारी राजेंद्र सिंह पंवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिविर प्रभारी हरिप्रसाद लड्ढा एवं रमेश शर्मा ने व्यवस्थाओं का संचालन किया। कार्यक्रम का संचालन ऐश्वर्य त्रिवेदी ने किया।

उल्लेखनीय है कि नारायण सेवा संस्थान वर्ष 1985 से समाज सेवा के क्षेत्र में कार्यरत है। संस्थान के संस्थापक पद्मश्री कैलाश ‘मानव’ को सेवा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल को वर्ष 2023 में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

संस्थान के अनुसार, अब तक देश-विदेश में 40 हजार से अधिक दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग तथा 4.54 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।



