
मानवाधिकार आयोग में बिना फीस, बिना वकील होती है आवेदनों की सुनवाई
हर मनुष्य के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करता है मानवाधिकार आयोग
मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मानिटर ने दिए अधिकारियों को निर्देश
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान रीवा मध्य प्रदेश
रीवा. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष मानिटर बालकृष्ण गोयल ने कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए। श्री गोयल ने कहा कि हर व्यक्ति को संविधान के आर्टिकल 21 में प्राप्त अधिकारों का आयोग संरक्षक है। आयोग की वेबसाइट एचआरसीएनईटी डॉट एनआईसी डॉट इन कोई भी व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा के लिए शिकायत दर्ज कर सकता है। आयोग बिना फीस, बिना वकील के प्रकरण की सुनवाई करके उसका निराकरण कराता है। हर वर्ष आयोग 1.5 लाख से अधिक आवेदनों का निराकरण करता है। यह भारत का सर्वोच्च आयोग है। बैठक में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने श्री गोयल को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
बैठक में श्री गोयल ने कहा कि आयोग के प्रतिनिधि के रूप में सात दिन तक रीवा जिले का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान केन्द्रीय जेल, छात्रावास, उचित मूल्य दुकान, अस्पताल, बाल सम्प्रेक्षण गृह, वृद्धाश्रम तथा अन्य संस्थाओं का निरीक्षण किया गया। इन संस्थाओं में जो कमियाँ दिखाई दीं उन्हें संबंधित अधिकारी दूर कराएं। मानव के शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आम जीवन से जुड़ी हर सुविधा की आयोग निगरानी करता है। मीडिया के विभिन्न माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण करके भी स्वत: संज्ञान के आधार पर कार्यवाही की जाती है। राष्ट्रीय आयोग तथा राज्य मानवाधिकार आयोग एक ही वेबसाइट से जुड़े हैं। आयोग शासकीय सेवकों के सर्विस मैटर से जुड़ी समस्याओं की भी सुनवाई करता है। सभी अधिकारी मानवाधिकार से आयोग आवेदनों का तत्काल निराकरण कराएं तथा आयोग के निर्देशों पर तत्परता से कार्यवाही करें।
बैठक में श्री गोयल ने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास बेलवा पैकान के नवीन भवन का तत्काल लोकार्पण कराएं। बाबू जगजीवनराम बालिका छात्रावास में छात्राओं के लिए स्टडी टेबल, खेल सामग्री, कंट्रोल्ड वाईफाई तथा इनवर्टर की व्यवस्था कराएं। भवन की लिफ्ट की तत्काल मरम्मत कराएं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी छात्रावास में प्राथमिक उपचार की किट रखें तथा हर महीने छात्राओं के स्वास्थ्य की जाँच के लिए शिविर लगाएं। वृद्धाश्रम से लोक निर्माण विभाग का कार्यालय तत्काल हटाएं। श्री गोयल ने अधिकारियों को अस्पतालों की व्यवस्था में सुधार, जेल में कौशल उन्नयन प्रशिक्षण, बाल सम्प्रेक्षण गृह की व्यवस्थाओं में सुधार तथा पेयजल की नियमित जाँच कराने के संबंध में निर्देश दिए। श्री गोयल ने कहा कि बाढ़ की आपदा में कलेक्टर, एसपी और अन्य अधिकारियों ने बहुत अच्छा कार्य किया जिससे जान-माल का नुकसान कम हुआ। वृद्धाश्रम में व्यवस्थाएं अच्छी हैं। यहाँ के 6 वृद्धों ने देहदान का अनुकरणीय कार्य किया है। रेडक्रास समिति द्वारा इन्हें दधीचि सम्मान देने का नवाचार अन्य जिलों में भी लागू कराया जाएगा।
बैठक में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि आम जनता को शासन की ओर से मिलने वाली सुविधाओं तथा जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मानवाधिकार आयोग से जो निर्देश प्राप्त हुए हैं उनका तत्परता से पालन होगा। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास नयन सिंह ने मानवाधिकार आयोग के विशेष मानिटर द्वारा जिले में भ्रमण का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरूकरण सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर, अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भावना मरावी, सभी एसडीएम तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



