
बाढ़ से हुई हानि का तीन दिन में सर्वे कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करें – कलेक्टर
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल साफ-सफाई, उपचार और सड़कों में सुधार कराएं
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान रीवा मध्य प्रदेश
रीवा . कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि जिले भर में नदियों के जल स्तर में तेजी से गिरावट आई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जल भराव अब समाप्त हो गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई की तत्काल व्यवस्था करें। शहरी क्षेत्र में नगरीय निकाय तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतें तत्काल सफाई शुरू करें। सभी एसडीएम बाढ़ से हुई हानि का तीन दिन में सर्वेक्षण कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। सर्वे के दौरान मकान, घरेलू सामग्री, फसल आदि की हानि को शामिल करते हुए राहत प्रकरण बनाएं। शासन के मापदण्डों के अनुरूप पीड़ितों को तत्काल राहत राशि का वितरण कराएं। सर्वे के लिए सभी एसडीएम, पटवारी तथा अन्य मैदानी कर्मचारियों को आज ही तैनात कर दें। कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग तथा सड़क निर्माण से जुड़े अन्य अधिकारी जिले भर में सड़कों के सुधार का कार्य तत्काल शुरू कराएं। अधीक्षण यंत्री विद्युत मण्डल प्रभावित क्षेत्रों में बिजली की लाइनों और ट्रांसफार्मरों में तत्काल सुधार कराएं।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शिविर लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जाँच कराएं। मैदानी अमले को वर्षाजनित बीमारियों के उपचार के लिए समुचित दवाएं उपलब्ध कराएं। उप संचालक पशुपालन बाढ़ में मृत पशुओं के निस्तारण की व्यवस्था करें। पशुओं के टीकाकरण तथा बीमार पशुओं के उपचार की तत्काल व्यवस्था करें। कार्यपालन यंत्री पीएचई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ पूरे जिले में पेयजल स्रातों का क्लोरिनेशन कराएं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सभी कुओं और हैण्डपंपों में पानी की गुणवत्ता की जाँच करके शुद्धता तय करें। इन क्षेत्रों के सभी पेयजल स्रोतों का शुद्धिकरण कराएं। उप संचालक कृषि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की फसलों के संबंध में रिपोर्ट दें। बाढ़ का पानी उतरने के बाद उत्पन्न होने वाली समस्याओं तथा पीड़ितों की कठिनाईयों को दूर करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास करें।
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों तथा टीएल पत्रों के निराकरण की विभागवार समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि सभी एसडीएम 50 दिन से अधिक लंबित शिकायतों के निराकरण पर विशेष ध्यान दें। हर महीने की पाँच तारीख तक सीएम हेल्पलाइन में 80 वेटेज स्कोर प्राप्त करें। कलेक्टर ने बैठक् में सीएम हेल्पलाइन रैंकिंग में 80 से कम अंक प्राप्त करने वाले विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सहायक संचालक उद्यानिकी, सभी जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला आयुष अधिकारी, प्राचार्य आयुर्वेदी कालेज, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम, जिला प्रबंधक मार्कफेड को सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण में रूचि न दिखाने पर कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का तत्परता से निराकरण करें। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई में 80 प्रतिशत से कम निराकरण करने वाले तहसीलदार तथा नायब तहसीलदारों को भी नोटिस देने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के दौरे के समय सभी अधिकारी सौंपे गए दायित्व के अनुसार अपनी जिम्मेदारी निभाएं। मुख्यमंत्री जी ने राहत और बचाव के संबंध में वीडियो कान्फ्रेंसिंग में जो निर्देश दिए हैं उसका तत्परता से पालन करें। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर, अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी, एसडीएम गुढ़ सुधाकर सिंह, एसडीएम जवा पीयूष भट्ट, डिप्टी कलेक्टर जितेन्द्र तिवारी, डिप्टी कलेक्टर सुधीर बेक तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



