
जल भराव से हुई हानि का सर्वे शुरू
बाढ़ से हुई हानि का संवेदनशीलता और समय सीमा में सर्वे करें – कलेक्टर
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान रीवा मध्य प्रदेश
रीवा . जिले में 19 और 20 अगस्त को भारी वर्षा के कारण रीवा शहर सहित सैकड़ों गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई। बस्तियों में जल भराव के कारण कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। बाढ़ से फसलों, पशु हानि तथा घरेलू उपयोग की सामग्री की भी हानि हुई। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने सभी एसडीएम को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का तीन दिन में सर्वेक्षण कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा है कि सभी एसडीएम सर्वे कार्य की सतत् निगरानी करें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का संवेदनशीलता से और तय समय सीमा में सर्वे कार्य पूरा कराएं। बाढ़ तथा अन्य प्राकृतिक आपदा में यदि किसी की मौत हुई है तो तत्काल राहत राशि का प्रकरण बनाकर मृतक के परिजनों को राहत राशि प्रदान करें। बाढ़ के कारण गंदगी तथा जल भराव की समस्या का स्थानीय निकाय के माध्यम से समाधान कराएं। आयुक्त नगर निगम तथा सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल साफ-सफाई कराएं। जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभावित गांवों में ग्राम पंचायत के माध्यम से साफ-सफाई कराएं।
कलेक्टर ने बताया कि बाढ़ से हुई हानि का सर्वे कार्य शुरू हो गया है। तहसील हुजूर में प्राकृतिक आपदा से ग्राम टीकर में एक व्यक्ति की मौत हुई है। तहसील में 2540 मकानों में जल भराव हुआ। इनमें से 461 मकानों में घरेलू सामग्री नष्ट हुई है तथा 450 मकानों में आंशिक क्षति हुई है। सर्वे दलों द्वारा सर्वे कार्य किया जा रहा है। तहसीलदार शिवशंकर शुक्ला ने ग्राम पंचायत सकरवट में सर्वे कार्य का जायजा लिया। तहसील हुजूर शहर में जल भराव की समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम और राजस्व अधिकारियों की टीम लगातार कार्य कर रही है। तहसीलदार अनुपम पाण्डेय तथा नगर निगम की टीम ने रतहरा नाले से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की। नायब तहसीलदार गोविंदगढ़ ने ग्राम अमिलकी में तालाब ओवरफ्लो होने की समस्या का मौके पर जाकर निदान कराया। तहसील हुजूर शहर में बाढ़ से 8392 मकान प्रभावित हुए हैं। इनमें से 7781 में केवल घरेलू उपयोग की सामग्री की हानि हुई है। जल भराव से 536 मकानों को आंशिक क्षति हुई है तथा 75 मकान पूरी तरह से प्रभावित हैं। सर्वे कार्य किया जा रहा है।
कलेक्टर ने बताया कि त्योंथर तहसील में एसडीएम राकेश चौरसिया की निगरानी में राहत और बचाव कार्य लगातार किया जा रहा है। ग्राम फरहदी में बाढ़ राहत शिविर जाकर मेडिकल टीम ने 41 पीड़ितों की जाँच कर उन्हें नि:शुल्क दवाएं दीं। तहसील सिरमौर में बाढ़ से 8 गाय, 12 भैंस तथा 59 सुअरों की मौत हुई है। बाढ़ से 6720 मकान प्रभावित हुए हैं। इनमें से 1142 मकानों में केवल घरेलू सामग्री को नुकसान हुआ है। जल भराव से 1825 मकान आंशिक रूप से तथा 118 मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं। सर्वे का कार्य लगातार किया जा रहा है। राजस्व अमला राहत और बचाव कार्य में लगातार जुटा हुआ है। ग्राम बरहुला में तहसीलदार राजेश शुक्ला ने मौके पर जाकर जेसीबी से नाली बनवाकर जल भराव की समस्या का निदान कराया। पीएचई विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हैण्डपंपों के सुधार और क्लोरिनेशन का कार्य लगातार किया जा रहा है। त्योंथर विकासखण्ड में ग्राम डीह, बेदौलिहान और कोरावं में पीएचई की टीम ने हैण्डपंपों का क्लोरिनेशन किया।

