एनबीबीएल का भारत कनेक्ट विदेशी मुद्रा हस्तांतरण अप्रैल-जुलाई 2026 में पहुंचा 100 मिलियन रुपये के पार
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान मुंबई महाराष्ट्र
मुंबई, : नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, एनपीसीआई भारत बिलपे लिमिटेड (एनबीबीएल) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच भारत कनेक्ट के ज़रिए हुआ विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) हस्तांतरण 10 करोड़ (100 मिलियन) रुपए से अधिक के स्तर पर पहुंच गया। भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के माननीय डिप्टी गवर्नर ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीईएफ) 2025 में विदेशी मुद्रा श्रेणी लॉन्च की थी। यह सुविधा, एनबीबीएल के भारत कनेक्ट प्लेटफॉर्म को क्लियरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (सीसीआईएल) द्वारा विकसित एफएक्स-रिटेल के साथ जोड़ती है, जिससे ग्राहक आपस में जुड़े (इंटरऑपरेबल) डिजिटल परितंत्र के ज़रिए पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी विदेशी मुद्रा दर का लाभ उठा सकते हैं।
लॉन्च के बाद से ही इस श्रेणी में ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज हुई। भारत कनेक्ट ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, 27.06 मिलियन रुपये के मूल्य के बराबर विदेशी मुद्रा हस्तांतरण का प्रसंस्करण किया। इस प्लेटफॉर्म ने वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में 111.91 मिलियन रुपये के हस्तांतरण का प्रसंस्करण किया, जिससे अब तक हुए कुल हस्तांतरण का आंकड़ा 138.97 मिलियन रुपये रहा।
आमतौर पर, विदेशी मुद्रा की खरीद में कीमतों की सीमित जानकारी, विशेष किस्म की बैंकिंग या अधिकृत डीलर चैनलों पर निर्भरता और ऑफलाइन या अलग-अलग प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। इसमें पारदर्शिता की कमी के कारण ग्राहकों के लिए दरों की तुलना करना और हस्तांतरण की कुल लागत को समझना मुश्किल होता था। भारत कनेक्ट विनियमित बैंकिंग भागीदारों के सहयोग से विदेशी मुद्रा सेवाओं के लिए इंटरऑपरेबल डिजिटल मार्केटप्लेस के ज़रिए इन समस्याओं का समाधान करता है। इस प्लेटफॉर्म पर बड़े मूल्य वाले हस्तांतरण की संख्या भी बढ़ रही है क्योंकि तत्काल उपलब्ध (लाइव) और पारदर्शी कीमतों से ग्राहकों को उपलब्ध दरों की तुलना करने और विदेशी मुद्रा हस्तांतरण पर अच्छी-खासी बचत करने में मदद मिलती है।
यह परितंत्र प्रमुख बैंकों और ग्राहकों से सीधे जुड़े प्लेटफॉर्म को जोड़ता है। इस प्रक्रिया में भाग लेने वाले बिलर में एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, फेडरल बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक शामिल हैं। ग्राहकों से सीधे जुड़े प्लेटफॉर्म में भीम, बैंक ऑफ बड़ौदा, सीआरईडी, फेडरल बैंक, मोबिक्विक, पंजाब नेशनल बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं। इस तरह, ग्राहकों के लिए डिजिटल रूप से विदेशी मुद्रा सेवाओं तक पहुंच के विकल्पों का विस्तार हो रहा है।
आरबीआई के दिशानिर्देश और सीसीआईएल के एफएक्स -रिटेल से पारदर्शी तरीके से कीमत तय होने की सुविधा के बीच ‘भारत कनेक्ट’ खुले, इंटरऑपरेबल और बाज़ार से जुड़े परितंत्र के ज़रिए विदेशी मुद्रा की खरीद-बिक्री को आधुनिक बनाने में मदद कर रहा है। इस पहल के तहत, विभिन्न विनियमित विदेशी मुद्रा प्रदाता और डिजिटल प्लेटफॉर्म को एक बुनियादी ढांचे में शामिल कर, ग्राहकों को बेहतर पहुंच, विकल्प और सुविधा प्रदान की जा रही है।


