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गरीबों के आर्थिक विकास को बैंकर्स सर्वोच्च प्राथमिकता दें – सांसद 

गरीबों के आर्थिक विकास को बैंकर्स सर्वोच्च प्राथमिकता दें – सांसद 

स्वरोजगार योजनाओं के सभी प्रकरण 31 अक्टूबर तक स्वीकृत और वितरित करें – कलेक्टर   

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान रीवा मध्य प्रदेश 

रीवा . कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय बैंकर्स सलाहकार समिति की बैठक में सांसद श्री जनार्दन मिश्र ने कहा कि स्वरोजगार योजनाओं के प्रकरणों की स्वीकृति में बैंकों का रवैया ठीक नहीं है। सभी बैंकर्स सकारात्मक दृष्टिकोण से गरीबों के आर्थिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऋण प्रकरण स्वीकृत और वितरित करें। प्राथमिकता के क्षेत्र कृषि और आवास में निवेश करके जिले के सीडी रेशियो में सुधार कराएं। जिले की आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि से ही बैंकों के कारोबार में वृद्धि होगी। गरीबों के छोटे-छोटे ऋण प्रकरणों को अमान्य करके बैंक अपना नुकसान कर रहे हैं। गरीबों को स्वरोजगार योजनाओं से आर्थिक विकास का अवसर दें। गरीबों के हितों पर कुठाराघात को सहन नहीं किया जाएगा। बैंकर्स कार्रवाई के लिए बाध्य न करें।

बैठक में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि जिले के आर्थिक विकास को गति देने के लिए लगातार बैंकर्स के साथ बैठक की जा रही है। सभी स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े अधिकारी 15 सितम्बर तक लक्ष्य से 25 प्रतिशत अधिक प्रकरण बैंकों में दर्ज कर दें। बैंकर्स के साथ नियमित संवाद रखें। सभी बैंकर्स स्वरोजगार योजनाओं के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत प्रकरण 31 अक्टूबर तक स्वीकृत और वितरित करें। मछलीपालन, पशुपालन, पिछड़ावर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, ग्रामोद्योग, ग्रामीण आजीविका मिशन तथा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में बड़ी संख्या में प्रकरण बैंकों में लंबित हैं। निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार प्रकरणों का 15 दिन में अनिवार्य रूप से बैंकर्स निराकरण करें। स्वरोजगार प्रकरणों के निरस्त करने में मनमानी नहीं चलेगी। उचित बैंकिंग कारण होने पर ही प्रकरण अमान्य करें। प्रकरण में किसी भी प्रकार की कमी है तो संबंधित विभाग के अधिकारी से संपर्क कर कमी दूर कराएं और प्रकरण स्वीकृत करें।

कलेक्टर ने कहा कि स्वरोजगार योजनाओं के संबंध में अधिकांश बैंकर्स ने नकारात्मक धारणा बना ली है। जिस रीवा जिले में बैंकर्स पदस्थ हैं और बैंकिंग व्यवसाय कर रहे हैं उस रीवा के आर्थिक विकास में सहयोग देना आपकी नैतिक जिम्मेदारी है। गरीबों के हित संवर्धन की उपेक्षा सहन नहीं की जाएगी। डीएलसीसी की महत्वपूर्ण बैठक में भी बैंकर्स मनमानी तरीके से आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं। सभी बैंकर्स पूरी तैयारी और सही डेटा के साथ बैठक में आएं। स्वरोजगार प्रकरणों की स्वीकृति में रूचि न दिखाने वाले तथा लापरवाह बैंकर्स के विरूद्ध कार्रवाई वरिष्ठ कार्यालयों को प्रस्तावित की जाएगी। अगली बैठक से प्रमुख बैंकों के रीजनल मैनेजर भी बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। लीड बैंक मैनेजर सभी बैंकों में शिविर लगाकर लंबित प्रकरणों का निराकरण कराएं। बैंकर्स द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड बनाने और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के प्रकरणों की स्वीकृति में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। स्वनिधि योजना और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के सैकड़ों प्रकरण बिना किसी कारण के अमान्य किए गए हैं। इन सभी प्रकरणों को पुन: मान्य करते हुए स्वीकृति जारी करें।

बैठक में नवागत जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती सृष्टि देशमुख ने कहा कि जिले के वार्षिक प्लान के अनुसार ऋण-जमा अनुपात बढ़ाएं। कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, आवास, लघु उद्यम तथा शिक्षा के क्षेत्र में बड़े ऋण प्रस्तावों को मंजूरी देकर प्राथमिकता के क्षेत्र में निवेश बढ़ाएं। शासन द्वारा प्राथमिकता क्षेत्र को सर्वोच्च महत्व दिया गया है। मुद्रा योजना में भी बैंकर्स की प्रगति कमजोर है। स्वरोजगार योजनाओं के हितग्राहियों से बैंक मैनेजर स्वयं संपर्क करके ऋण प्रकरणों का निराकरण करें। ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के बैंक खाते खोलने के लिए गांवों में बैंक प्रतिनिधि भेजें। बैठक में अग्रणी बैंक प्रबंधक विनय जायसवाल ने बताया कि 20 सितम्बर तक यूनियन बैंक गांवों में शिविर लगाकर खाते खोलेगा। लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए सभी बैंकों में शिविर लगाए जाएंगे। विश्वकर्मा योजना में अमान्य किए गए सभी प्रकरण पुन: मान्य करके उनका निराकरण किया जाएगा। अग्रणी बैंक प्रबंधक ने आर्थिक गतिविधियों, ऋण-जमा अनुपात तथा आर्थिक विकास के लिए निवेश की जानकारी दी। बैठक में सभी बैंकर्स और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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