
पुणे के सुनियोजित विकास पर 11 सितंबर को परिसंवाद
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे, तेजी से बढ़ते शहरीकरण, बढ़ती निर्माण अनुमति, बहुमंजिला इमारतों, यातायात व्यवस्था और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर राजीव गांधी स्मारक समिति की ओर से एक दिवसीय चर्चासत्र एवं परिसंवाद का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम शुक्रवार, 11 सितंबर को सुबह 9.30 बजे से दोपहर 1 बजे तक नवी पेठ स्थित पत्रकार भवन में होगा। यह जानकारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने पत्रकार परिषद में दी।
तिवारी ने कहा कि पुणे शहर का विकास तेजी से हो रहा है, लेकिन इसके साथ यातायात, पानी, मलनिस्सारण, पर्यावरण, सड़क, उद्यान और क्रीड़ांगण जैसी सुविधाओं पर भी दबाव बढ़ रहा है। परिसंवाद में इस बात पर चर्चा होगी कि शहर का विकास नगर नियोजन विभाग के निर्देशों, टीपी-डीपी तथा यूडीसीपीआर और एचसीएमटीआर के अनुरूप हो रहा है या नहीं। साथ ही पर्यावरण के अनुकूल और सुनियोजित विकास की आवश्यकता पर भी विचार किया जाएगा।
क्रेडाई की रिपोर्ट में शहर में 93 हजार से अधिक घर बिक्री के अभाव में पड़े होने का उल्लेख है। ऐसे में बढ़ते शहरीकरण के बीच ऊंची इमारतों, यातायात, पानी, बुनियादी सुविधाओं और नागरिक नियोजन से जुड़ी चुनौतियों पर विशेषज्ञ विचार रखेंगे। वास्तुविशारद मकरंद शेंडे ने बताया कि शहर में करीब 6 हजार करोड़ वर्ग फुट का नया निर्माण होने की बात सामने आई है, जबकि प्रा. प्रताप रावळ ने शहर के विस्तार के साथ बढ़ती जनसंख्या घनत्व पर चिंता जताई।
परिसंवाद में पूर्व सांसद वंदना चव्हाण, पूर्व महापालिका आयुक्त महेश झगडे, पर्यावरण विशेषज्ञ सारंग यादवाडकर व प्राजक्ता दिवेकर, प्रा. प्रताप रावळ, वास्तुविशारद मकरंद शेंडे, शिरीष केंभावी, सुहास पटवर्धन सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ सहभागी होंगे। महापालिका के पदाधिकारियों और अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है। समिति ने पुणे के नागरिकों और संबंधित क्षेत्रों के लोगों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।



