
शिक्षा के संघर्ष की संवेदनशील कहानी दिखाएगी फिल्म ‘भाटा’
‘भाटा’ 11 सितंबर से सिनेमाघरों में होगी प्रदर्शित
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे : आज के कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में भी समाज के कुछ वर्ग शिक्षा से वंचित हैं। ऐसे ही वंचित बेलदार समाज की संवेदनशील कहानी अब बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगी। बेलदार समाज के इतिहास और शिक्षा के लिए किए गए संघर्ष को दर्शाने वाली फिल्म ‘भाटा’ 11 सितंबर से देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी।
वी. डी. एंटरटेनमेंट और मोरया उद्योग समूह की प्रस्तुति तथा अरायव्हल स्टूडियो प्रा. लि. द्वारा निर्मित इस फिल्म के निर्माता सुनील आबा जाधव और विजय चंद्रकांत चव्हाण हैं। सहनिर्माता रिजवान शेख, मितेश पराडकर और सुनील कातकर हैं। फिल्म का निर्देशन भरतराज नारायण यादव ने किया है। कहानी विजय चंद्रकांत चव्हाण, जबकि पटकथा व संवाद शरद कारंडे के हैं।
फिल्म में मोहन जोशी, अरुण नलावडे, प्रशांत मोहिते, रुपाली जाधव, विजय कदम, अनिल नगरकर, लक्ष्मण दावभट, ऋषभ जाधव, प्रेमा किरण और बाल कलाकार तनिष्का जाधव प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे।
फिल्म में पथर तोड़कर जीवनयापन करने वाले बेलदार समाज के एक पिता की कहानी दिखाई गई है, जो गरीबी और सामाजिक परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए अपने बच्चों को शिक्षा दिलाकर उनका भविष्य बदलने का सपना देखता है। शिक्षा, नई पीढ़ी के सपने, परंपराएं और सामाजिक बदलाव के साथ फिल्म में बेलदार समाज के इतिहास को भी सामने लाने का प्रयास किया गया है।
फिल्म के टीजर के बाद जारी किए गए ट्रेलर को सोशल मीडिया पर अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। फिल्म की कहानी और ट्रेलर को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है।

