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मानवाधिकार आयोग की अंतरिम सिफारिश पर सवाल, पुणे पुलिस आयुक्त के समर्थन में उतरी रिपब्लिकन सोशलिस्ट पार्टी

मानवाधिकार आयोग की अंतरिम सिफारिश पर सवाल, पुणे पुलिस आयुक्त के समर्थन में उतरी रिपब्लिकन सोशलिस्ट पार्टी

 

सरकार से सिफारिश खारिज करने की मांग, राज्यपाल और NHRC में शिकायत की घोषणा

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे, प्रतिनिधि। पुणे में एक आपराधिक मामले की जांच के दौरान कनिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कथित गलत व्यवहार के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग की ओर से पुणे पुलिस आयुक्त के खिलाफ की गई अंतरिम सिफारिश को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रिपब्लिकन सोशलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष राहुल डंबाळे ने राज्य सरकार से इस सिफारिश को तत्काल खारिज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संबंधित मामले में पुणे पुलिस आयुक्त ने पहले ही दोषी कनिष्ठ अधिकारी के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है।

 

डंबाळे ने कहा कि कनिष्ठ अधिकारियों की कथित व्यक्तिगत गलती के लिए सीधे वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पुणेकरों का पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार पर पूरा विश्वास है और नागरिक उनके साथ हैं।

 

कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों का मनोबल न गिराया जाए

 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजे गए ज्ञापन में डंबाळे ने कहा कि पुणे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी जिम्मेदारी से काम कर रहे हैं। घटना सामने आने के बाद पुलिस आयुक्त ने पहल करते हुए संबंधित पुलिस निरीक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की थी।

 

डंबाळे के अनुसार, ऐसी स्थिति में कनिष्ठ अधिकारी की गलती के लिए सीधे वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदार ठहराने की प्रवृत्ति से पुलिस बल का मनोबल प्रभावित हो सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर मानवाधिकार आयोग की अंतरिम सिफारिश पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

 

प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं होने का आरोप

 

डंबाळे ने आरोप लगाया कि किसी वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करने से पहले उसका पक्ष सुनना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप आवश्यक है। उनका दावा है कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष पूरी तरह सुने बिना अंतरिम सिफारिश की गई।

 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अंतिम सुनवाई लंबित रहते हुए आयोग की रिपोर्ट के सार्वजनिक होने से संबंधित अधिकारियों की सामाजिक और पेशेवर प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है।

 

राज्यपाल और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत की तैयारी

 

रिपब्लिकन सोशलिस्ट पार्टी ने इस मामले को लेकर महाराष्ट्र के राज्यपाल के समक्ष शिकायत करने की घोषणा की है। साथ ही, राज्य मानवाधिकार आयोग की कार्यप्रणाली की जांच की मांग को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में भी शिकायत करने की बात डंबाळे ने कही है।

 

उन्होंने कहा कि कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर बिना उनका पक्ष सुने कार्रवाई की सिफारिश किए जाने से पुलिस बल पर दबाव बढ़ सकता है और इसका असर कानून-व्यवस्था पर पड़ सकता है।

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