
जीवन बचाने के लिए सीपीआर महत्वपूर्ण: डॉ. अजिंक्य शिंदे
विश्वराज हॉस्पिटल द्वारा एमआईटी डब्ल्यूपीयू में सीपीआर और फायर एंड सेफ्टी पर कार्यशाला
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे: हृदय रोग से जुड़ी आपातकालीन स्थिति दुनिया भर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। जीवन बचाने का एक प्रभावी उपाय है कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन यानी सीपीआर। जब किसी व्यक्ति के दिल की धड़कन बंद हो जाती है तो पहले कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। तुरंत किया गया सीपीआर जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करता है, फिर भी कई लोग यह जीवनरक्षक कौशल नहीं सीख पाते। इसका मुख्य कारण आम लोगों में सीपीआर के ज्ञान का अभाव है, ऐसा मत माएर्स के विश्वराज हॉस्पिटल के डॉ. अजिंक्य शिंदे ने व्यक्त किया।
विश्वराज हॉस्पिटल और माईर्स एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी की ओर से विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के लिए सीपीआर और फायर एंड सेफ्टी विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। प्रैक्टिकल डेमो के माध्यम से कर्मचारियों को जानकारी दी गई।

इस अवसर पर विश्वराज हॉस्पिटल के विजय कुमार पाटील, किरण सालवे और रेवण सिन्नूरकर उपस्थित थे। एमआईटी डब्ल्यूपीयू के सैकड़ों कर्मचारियों ने इसका लाभ लिया।
यह कार्यक्रम एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड और विश्वराज हॉस्पिटल की संचालिका डॉ. अदिति कराड के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
डॉ. शिंदे ने कहा, “सीपीआर एक जीवनरक्षक तकनीक है। जब किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन रुक जाती है तब आपात स्थिति में इसका उपयोग किया जाता है। मेडिकल मदद आने तक शरीर में ऑक्सीजन का संचार बनाए रखने के लिए इसमें मुंह से सांस दी जाती है। यह तकनीक बिना मेडिकल ट्रेनिंग के भी कोई भी कर सकता है और डॉक्टर के आने तक व्यक्ति को जीवित रखना इसका उद्देश्य है।”

फायर एंड सेफ्टी पर बोलते हुए विजय कुमार पाटील ने कहा कि हॉस्पिटल की सुरक्षा के लिए अग्निशामक यंत्र, फायर अलार्म, स्प्रिंकलर, एग्जिट मार्ग और धुआं नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आग लगने पर मरीजों को सुरक्षित जगह पर ले जाना, अलार्म बजाकर सतर्क करना, दरवाजे बंद कर आग और धुएं को फैलने से रोकना और संभव हो तो यंत्रों से आग बुझाना महत्वपूर्ण है।
इस दौरान आग बुझाने काना लाइव डेमो भी दिखाया गया।


