
राजस्व वादों एवं आईजीआरएस के समयबद्ध निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें अधिकारी: जिलाधिकारी
जनता से जुड़े कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो, अधिकारी स्वयं करें नियमित निगरानी
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा -जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में राजस्व स्टाफ की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व परिषद/आयुक्त, कानपुर मंडल एवं अन्य न्यायालयों से प्राप्त मांगपत्रों, राजस्व वादों, आईजीआरएस, राजस्व अभिलेखों, प्रमाण-पत्रों, लंबित प्रकरणों तथा विभिन्न विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी महोदय ने राजस्व परिषद/आयुक्त, कानपुर मंडल एवं अन्य न्यायालयों से प्राप्त मांगपत्रों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए कहा कि अगस्त 2026 में कुल 125 प्रकरण अवशेष थे, जिनमें अपर आयुक्त, कानपुर मंडल स्तर पर 110 प्रकरण लंबित हैं। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों को निर्देश दिए कि शनिवार एवं रविवार को विशेष अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी महोदय ने तहसीलों के कंप्यूटर कक्षों की कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि तहसील में कंप्यूटर रूम अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन वहां की कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी नहीं हो पाती। उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार स्वयं प्रतिदिन कंप्यूटर कक्ष का निरीक्षण करें और लंबित कार्यों की स्थिति देखें। उन्होंने कहा कि राजस्व वादों का निस्तारण एवं आईजीआरएस दो प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। कार्यों को केवल वकील, मुंशी अथवा कंप्यूटर ऑपरेटर के भरोसे न छोड़ा जाए। अधिकारी स्वयं रुचि लेकर कार्यों की समीक्षा करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि सप्ताह में कम से कम दो दिन नियमित बैठक कर सभी प्रकार की रिपोर्टों की समीक्षा की जाए। तमिला, पैमाइश एवं खुर्रा से संबंधित रिपोर्टों की भी नियमित समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों को समयबद्ध ढंग से निस्तारित किया जाए।
राजस्व अभिलेखों में राजस्व वादों से संबंधित लंबित पत्रावलियों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि तहसील इटावा में 9,577 तथा तहसील भरथना में 4,850 प्रकरण अवशेष हैं तथा जनपद में कुल 24,034 प्रकरण लंबित हैं। जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि अधिकारी न्यायालय में बैठकर राजस्व मामलों की सुनवाई एवं निस्तारण को प्राथमिकता दें। पांच वर्ष से अधिक पुराने लंबित मामलों की समीक्षा माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा भी की जाती है, इसलिए ऐसे प्रकरणों को किसी भी स्थिति में अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
धारा-34 के अंतर्गत राजस्व विवादित वादों तथा 3 से 5 वर्ष पुराने लंबित वादों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। समीक्षा में तहसील न्यायिक इटावा में 32 तथा तहसील इटावा में 45 पुराने वाद लंबित पाए गए। उन्होंने कहा कि अधिकारी निर्णय लेने की क्षमता का प्रयोग करें तथा अनावश्यक रूप से प्रकरणों को लंबित रखने की प्रवृत्ति समाप्त करें।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि योजना से संबंधित कार्यों में गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है। पात्र लाभार्थियों से संबंधित पत्रावलियां समय से प्रस्तुत एवं निस्तारित की जाएं। उन्होंने ठेकेदारी कार्यों के लिए निर्मित होने वाली चरित्र प्रमाण-पत्र संबंधी पत्रावलियों में भी अनावश्यक विलंब न करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों का सीधा संबंध जनता से है, इसलिए प्रणाली को इस प्रकार विकसित किया जाए कि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनका कार्य समय से पूरा हो।
जिलाधिकारी महोदय ने चरित्र सत्यापन सेवायोजन संबंधी लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि ऐसे मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शासकीय कार्यालय की कार्यप्रणाली का आकलन उसके लंबित मामलों एवं कार्यों के समय से निस्तारण से होता है। अतः सभी अधिकारी अपने-अपने स्तर पर लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर उन्हें निर्धारित समय सीमा में निस्तारित करें।
माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में लंबित रिट याचिकाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जैसे ही किसी रिट से संबंधित पत्र प्राप्त हो, उसे गंभीरता से पढ़कर समय से जवाब तैयार कर दाखिल कराया जाए। उन्होंने कहा कि न्यायालयीन मामलों में समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा आईजीआरएस एवं राजस्व वादों के निस्तारण पर विशेष जोर दिया जाता है। इसलिए दोनों क्षेत्रों में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करना प्रत्येक राजस्व अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाए तथा शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।
परिवारिक सदस्यता प्रमाण-पत्रों की समीक्षा में कुल 79 प्रकरण लंबित पाए गए। जिलाधिकारी महोदय ने इन्हें शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों से सीधे जनता का संबंध है, उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए और उनकी नियमित समीक्षा की जाए। जनपद में कंपनीवार लंबित अनापत्ति प्रमाण-पत्रों में जिलाधिकारी महोदय ने पेट्रोल पंप स्थापना से संबंधित लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में तहसील स्तर से रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र में पेट्रोल पंप स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होते हैं, इसलिए संबंधित प्रकरणों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। समीक्षा में तहसील स्तर पर 11 सहित कुल 21 आवेदन लंबित पाए गए। उन्होंने तत्काल आवश्यक कार्यवाही कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि सब्जियों एवं अन्य खाद्य पदार्थों में प्रयोग किए जा रहे इंजेक्शन/रासायनिक की जांच के लिए नियमित सैंपलिंग कराई जाए। उन्होंने उप जिलाधिकारियों के माध्यम से निरीक्षण एवं छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए। दूध, मसाले, खाद्य तेल सहित अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए प्रभावी सैंपलिंग एवं कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि राजस्व वादों का निस्तारण और आईजीआरएस दो प्रमुख प्राथमिक कार्य हैं। राजस्व न्यायालयों के कार्य कठिन नहीं हैं, कठिनाई तब उत्पन्न होती है जब हम स्वयं मामलों को आगे बढ़ाने और निर्णय लेने में रुचि नहीं लेते। उन्होंने अधिकारियों को न्यायालयीन कार्यों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी महोदय ने अंत में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों की संख्या में लगातार कमी लाई जाए, प्रत्येक कार्य की नियमित समीक्षा की जाए और जनता से सीधे जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली का सीधा प्रभाव आमजन पर पड़ता है, इसलिए अधिकारी पूरी संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं नेतृत्व क्षमता के साथ कार्य करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
उक्त बैठक में अपर जिलाधिकारी बिपिन कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक संदीप श्रीवास्तव, आई0ए0एस कोमल पुनिया, सिटी मजिस्ट्रेट राजेन्द्र बहादुर, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त तहसीलदार सहित विभाग से संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

