
राना की दावेदारी पर सवाल, दिबियापुर में राजनीतिक ठंडक
सूत्रों के मुताबिक चुनावी चर्चा में पहले जैसी गर्मी नहीं, सियासी खेमों में नाम को लेकर फिलहाल खामोशी
रिपोर्ट विशाल समाचार संवाददाता
स्थान: औरैया/दिबियापुर। उत्तर प्रदेश
दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में संभावित दावेदारों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है। इसी बीच अछल्दा ब्लॉक प्रमुख शरद कुमार राना के नाम को लेकर कुछ समय से चल रही विधानसभा चुनाव की संभावित दावेदारी की चर्चा फिलहाल ठंडी पड़ती नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, जिस तेजी से उनके नाम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हुई थी, अब उसमें पहले जैसी गर्मी दिखाई नहीं दे रही है।
सूत्र बताते हैं कि राना की ओर से क्षेत्र में सक्रियता और जनसंपर्क को लेकर चर्चाएं जरूर हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव में उनकी औपचारिक दावेदारी को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट राजनीतिक तस्वीर सामने नहीं आई है। यही वजह है कि सत्तापक्ष और विपक्ष से जुड़े स्थानीय राजनीतिक खेमे भी उनके नाम को लेकर फिलहाल खुलकर कोई रुख जाहिर करते नजर नहीं आ रहे हैं।
दावेदारी पर सबसे बड़ा सवाल—पार्टी का रुख क्या होगा?
राजनीतिक सूत्रों की मानें तो विधानसभा चुनाव में किसी भी नाम की चर्चा तभी मजबूत मानी जाती है, जब संगठन स्तर पर भी उसके संकेत दिखाई देने लगें। राना के मामले में फिलहाल ऐसी स्थिति स्पष्ट नहीं है। यही बात उनकी संभावित दावेदारी को लेकर स्थानीय राजनीति में सवाल खड़े कर रही है।
हालांकि अछल्दा ब्लॉक प्रमुख के तौर पर राना क्षेत्र की समस्याओं को लेकर अधिकारियों और सरकार के सामने मांगें उठाते रहे हैं। अक्टूबर 2024 में उन्होंने दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र की जर्जर सड़कों के निर्माण और मरम्मत को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा था।
पुरानी राजनीतिक पृष्ठभूमि भी बन रही चर्चा का हिस्सा
राना का राजनीतिक सफर भी स्थानीय चर्चा में बना हुआ है। वर्ष 2023 में निकाय चुनाव के दौरान भाजपा ने अछल्दा ब्लॉक प्रमुख शरद राना समेत कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ छह वर्ष के निष्कासन की कार्रवाई की थी। यह कार्रवाई उस समय पार्टी नेतृत्व द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधियों और बगावत के आरोपों के संदर्भ में बताई गई थी।
हालांकि वर्तमान समय में उनकी राजनीतिक स्थिति क्या है और भविष्य में वह किस दल या मंच से चुनावी राजनीति में आगे बढ़ेंगे, इस पर कोई ताजा आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
सूत्रों के मुताबिक अभी इंतजार की स्थिति
स्थानीय राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि दिबियापुर में चुनावी समीकरण अभी पूरी तरह खुलकर सामने नहीं आए हैं। ऐसे में शरद राना के नाम को लेकर भी फिलहाल चर्चाओं से ज्यादा इंतजार की स्थिति है। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल जरूर उठ रहा है कि क्या उनकी संभावित दावेदारी संगठन स्तर तक पहुंच पाएगी या फिर यह चर्चा स्थानीय स्तर तक ही सीमित रह जाएगी।
जनसंपर्क के बावजूद चुनावी तस्वीर धुंधली
ब्लॉक प्रमुख के रूप में राना की कई सार्वजनिक गतिविधियां सामने आती रही हैं। 2024 में क्षेत्रीय कार्यक्रमों और विकास संबंधी मुद्दों में उनकी सक्रियता की खबरें प्रकाशित हुई थीं।
लेकिन विधानसभा चुनाव की राजनीति अलग स्तर पर समीकरण मांगती है। यही वजह है कि सूत्रों के मुताबिक अब निगाह इस बात पर है कि राना आगे क्या राजनीतिक कदम उठाते हैं और क्या उनकी ओर से विधानसभा चुनाव को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा की जाती है।
फिलहाल इतना तय है कि दिबियापुर की सियासत में शरद राना के नाम की चर्चा तो है, लेकिन दावेदारी को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। राजनीतिक गलियारों में उठ रहे सवालों का जवाब आने वाले दिनों में ही मिल सकेगा।



