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बैंक ऑफ़ बड़ौदा को मिला लगातार पांचवी बार राजभाषा कीर्ति पुरस्कार

बैंक ऑफ़ बड़ौदा को मिला लगातार पांचवी बार राजभाषा कीर्ति पुरस्कार

राजभाषा कार्यान्वयन के प्रति प्रतिबद्ध प्रयासों के लिए बैंक को मिला सम्मान

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान मुंबई महाराष्ट्र 

मुंबई,: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक बैंक ऑफ़ बड़ौदा-भारत का अंतर्राष्ट्रीय बैंक को राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य के लिए भारत सरकार की सर्वोच्च पुरस्कार ‘राजभाषा कीर्ति पुरस्कार’ योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-2026 के लिए 800 से अधिक कार्मिकों वाले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों/ वित्तीय संस्थानों की श्रेणी में ‘द्वितीय पुरस्कार ’ प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि बैंक को लगातार पाँचवी बार राजभाषा कीर्ति पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

यह पुरस्कार भारत सरकार द्वारा सिडको एग्जिबिशन सेंटर, नवी मुंबई में दिनांक 14 सितंबर, 2026 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री माननीय श्री अमित शाह जी की अध्यक्षता में आयोजित हिंदी दिवस 2026 एवं छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय और श्री बंडी संजय कुमार के कर-कमलों से श्रीमती अंशुली आर्या, सचिव, राजभाषा विभाग की गरिमामयी उपस्थिति में बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. देबदत्त चांद ने प्राप्त किया।

इस अवसर पर प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, बैंक ऑफ़ बड़ौदा; डॉ. देबदत्त चांद ने कहा,“ बैंक को प्राप्त यह पुरस्कार बैंक के उन करोड़ों ग्राहकों के प्रति बैंक की प्रतिबद्ध सेवा का भी परिचायक है जो अपनी भाषाओं में बैंकिंग सुविधा प्राप्त करने में सहूलियत महसूस करते हैं। हम बॉब वर्ल्ड, व्हाट्सऐप बैंकिंग, चैटबॉट्स और कॉल सेंटर्स सहित अपने डिजिटल और भौतिक चैनलों में बहुभाषी बैंकिंग सुविधाओं को सुदृढ़ कर रहे हैं। हाल ही में बैंक ने ग्राहकों और स्टाफ सदस्यों के बीच संवाद को अधिक सहज और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से AI समर्थित टूल- ‘bob SAMVAD’ की शुरुआत की है। इसके माध्यम से हम भारत की विभिन्न भाषाओं में रियल टाइम में बातचीत करते हुए न केवल ग्राहकों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे, बल्कि शाखा स्तर पर ग्राहक अनुभव को भी बेहतर बनाने में सफल होंगे।“

बैंक ऑफ़ बड़ौदा को पिछले पाँच वर्षों में लगातार पाँचवी बार राजभाषा कीर्ति पुरस्कार प्राप्त हुआ है जिसमें तीन वर्ष ‘प्रथम पुरस्कार’ तथा दो वर्ष ‘द्वितीय पुरस्कार’ शामिल है। इसके साथ ही, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों की श्रेणी में बैंक के संयोजन में कार्यरत नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (कार्यालय), अयोध्या को ‘क’ भाषाई क्षेत्र के अंतर्गत “

 

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