
साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं, तत्काल शिकायत दर्ज कराएं
‘लोकसंवाद-2026’ के तहत पीएमआरडीए में साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र, एपीआई वैभव पाटील ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे, साइबर ठगी का शिकार होने के बाद बदनामी के डर से चुप न रहें, बल्कि तत्काल शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत मिलने पर साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना संभव है। यह जानकारी पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय के साइबर विशेषज्ञ एवं साइबर पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक वैभव पाटील ने दी।
गणेशोत्सव के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं, उपक्रमों और नागरिक सुरक्षा के संबंध में जनजागरूकता के लिए जिला सूचना कार्यालय की ओर से चलाए जा रहे ‘लोकसंवाद-2026’ अभियान के तहत पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) में साइबर सुरक्षा जागरूकता विषय पर विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान पीएमआरडीए के अधिकारी एवं कर्मचारियों को साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकार और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
निवेश के नाम पर ठगी से रहें सावधान
एपीआई वैभव पाटील ने बताया कि आज साइबर अपराधों का शिकार शिक्षित नागरिक भी हो रहे हैं। निवेश पर भारी मुनाफे का लालच, कस्टम या फेडएक्स पार्सल के नाम पर धमकी भरे फोन, बिजली बिल, गिफ्ट वाउचर, रिवॉर्ड प्वाइंट्स तथा व्हाट्सऐप पर वरिष्ठ अधिकारी या बॉस बनकर पैसे मांगने जैसे तरीकों से ठगी की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से ऐसे किसी भी लालच में न आने की अपील की।
उन्होंने बताया कि मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से ठगी, फर्जी लोन देने वाले ऐप तथा AnyDesk या QuickSupport जैसे ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल का नियंत्रण हासिल करने के मामले भी सामने आते हैं। इसलिए अनजान लोगों पर आर्थिक भरोसा न करने, अनधिकृत ऐप डाउनलोड न करने और किसी भी व्यक्ति को मोबाइल का अनधिकृत एक्सेस न देने की सलाह दी गई।
बैंक खाते को किराए पर देना पड़ सकता है भारी
साइबर अपराधियों को कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम या अन्य वित्तीय साधन इस्तेमाल के लिए उपलब्ध न कराने की सलाह दी गई। इस तरह अपना खाता उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा के लिए ‘टू-स्टेप वेरिफिकेशन’ सक्रिय रखने, अनजान लिंक पर क्लिक न करने, अज्ञात APK फाइल इंस्टॉल न करने तथा फर्जी प्रोफाइल एवं पहचान की चोरी से सावधान रहने का आह्वान किया गया।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें संपर्क
गुम हुए मोबाइल को ब्लॉक करने तथा स्पैम कॉल की शिकायत के लिए ‘संचार साथी’ पोर्टल का उपयोग करने की जानकारी दी गई। साइबर ठगी होने की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई।
मार्गदर्शन सत्र के दौरान प्रस्तुतीकरण के माध्यम से साइबर अपराधियों द्वारा अपनाई जाने वाली विभिन्न तकनीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। ‘लोकसंवाद’ अभियान के माध्यम से नागरिकों तथा अधिकारी-कर्मचारियों तक साइबर सुरक्षा से संबंधित आधिकारिक एवं उपयोगी जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में पीएमआरडीए के मुख्य लेखा एवं वित्त अधिकारी जितेंद्र कोलंबे, उपायुक्त (प्रशासन) राजेश माशेरे, साइबर विशेषज्ञ पुलिस कॉन्स्टेबल समीर घाडगे एवं शिवाजी बनसोडे उपस्थित रहे। सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी पुरुषोत्तम सांगले ने कार्यक्रम का संचालन किया।



