
बैंकों के लचर प्रदर्शन पर डीएम सख्त, कहा—ऋण स्वीकृति एवं डिस्बर्सल में शिथिलता बर्दाश्त नहीं
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान सीतामढ़ी बिहार
सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में आज जिला परामर्शदात्री समिति, जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की संयुक्त बैठक जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में विभिन्न बैंकों के ऋण स्वीकृति, डिस्बर्सल एवं सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान बैंकों के लचर प्रदर्शन, ऋण स्वीकृति एवं डिस्बर्सल में अनावश्यक विलंब तथा विभिन्न योजनाओं के लंबित आवेदनों पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि लाभुकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब अथवा शिथिलता को गंभीरता से लिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में उद्योग, लघु उद्योग, सेवा आधारित उद्यम एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए बैंक ऋण प्रवाह में तेजी लाएं तथा सीडी रेशियो में सुधार सुनिश्चित करें।
उन्होंने पीएमएफएमई, एवं पीएम विश्वकर्मा योजनाओं के लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने तथा पात्र लाभुकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही डेयरी एवं मत्स्य क्षेत्र से जुड़े किसानों को ऋण वितरण में तेजी लाने को कहा।
जिलाधिकारी ने सभी बैंकों को प्रत्येक माह नीलाम पत्र कार्यालय जाकर पंजी-9 एवं 10 का मिलान करने तथा प्रखंड एवं अनुमंडल स्तर पर भी समयबद्ध मिलान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में डीडीसी श्रीमती श्वेता भारती, एलडीएम श्री अनिल कुमार सिंह, डीपीआरओ श्री कमल सिंह, बैंकिंग प्रभारी अधिकारी श्री आशुतोष श्रीवास्तव, जीएम-डीआईसी श्रीमती प्रिया भारती, रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि सहित सभी प्रमुख बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।



