
ऊर्जा मंत्री के निर्देशों के बीच इटावा में बिजली बिलिंग व्यवस्था पर सवाल
मीटर रीडिंग को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं की शिकायत, रीडिंग कर्मी के कथित बयान ने उठाए सवाल
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बुधवार को संभव पोर्टल के माध्यम से जनशिकायतों की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को बिजली उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति देने और शिकायतों का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि ईमानदारी से बिजली बिल का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
वहीं, इटावा जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बिल की रीडिंग और बिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, मीटर रीडिंग का काम करने वाले एक व्यक्ति ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर कथित रूप से बताया कि उपभोक्ताओं की रीडिंग दर्ज करते समय हर महीने एक से 10 यूनिट तक अतिरिक्त रीडिंग दर्ज किए जाने की बात कही जाती है।
कथित बयान में यह भी कहा गया है कि उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर हर महीने मीटर रीडिंग के साथ बिजली बिल की जानकारी भेजी जानी चाहिए, ताकि उपभोक्ता वास्तविक रीडिंग और बिल में दर्ज यूनिटों का मिलान कर सके। आरोप है कि इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी व्यवस्था प्रभावी रूप से दिखाई नहीं दे रही है।
सबसे अहम सवाल यह है कि यदि उपभोक्ता को हर महीने उसकी मीटर रीडिंग की जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध करा दी जाए, तो बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ सकती है और किसी भी तरह की गड़बड़ी की शिकायत की स्थिति में उसका सत्यापन भी आसानी से किया जा सकता है।
मीटर रीडिंग से जुड़े व्यक्ति के कथित बयान में अतिरिक्त यूनिट दर्ज किए जाने को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों की प्रतिक्रिया और विभागीय स्तर पर जांच जरूरी है।
ऊर्जा मंत्री ने बुधवार की जनसुनवाई में अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। ऐसे में इटावा में मीटर रीडिंग और बिलिंग व्यवस्था को लेकर उठे सवालों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाना विभाग के लिए महत्वपूर्ण होगा।
नोट: खबर में किसी अधिकारी या कर्मचारी को दोषी नहीं ठहराया गया है। मीटर रीडिंग से जुड़े व्यक्ति द्वारा नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर दिए गए कथित बयान के आधार पर सवाल उठाए गए हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विभाग का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना चाहिए।


