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मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने संभव पोर्टल पर सुनीं जनशिकायतें, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश

मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने संभव पोर्टल पर सुनीं जनशिकायतें, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान:लखनऊ उत्तर प्रदेश 

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने आज संभव (शिकायत निस्तारण पोर्टल) के माध्यम से जनसुनवाई करते हुए विभिन्न जिलों से प्राप्त शिकायतों की सुनवाई की। संभव पोर्टल मंत्री श्री ए के शर्मा के निर्देशन में निर्मित शिकायतों का समयबद्ध पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने का एक पोर्टल है। अब इस पोर्टल के माध्यम से निर्माणाधीन परियोजनाओं की निगरानी भी सुनिश्चित की जा सकेगी।इस जनसुनवाई के दौरान मंत्री श्री शर्मा ने कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, जबकि गंभीर एवं लंबित मामलों में जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। कई शिकायतों के निस्तारण पर शिकायतकर्ताओं ने मंत्री श्री ए.के. शर्मा का आभार व्यक्त किया।

 

ऊर्जा विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई के दौरान गाजीपुर के श्री राम प्रताप सिंह ने एस्टीमेट की धनराशि का भुगतान किए जाने के बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं किए जाने का मामला उठाया। इस पर ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य के लिए धनराशि का भुगतान होने के बाद भी कार्य शुरू न होना गंभीर लापरवाही है। इस तरह की शिथिलता से विभाग की छवि धूमिल होती है और जनता में गलत संदेश जाता है।

 

गोंडा के श्री सुखदेव सिंह द्वारा संविदा कर्मियों को अकारण हटाए जाने की शिकायत पर भी मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने एमडी को प्रकरण की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, फिरोजाबाद में एक निविदा कर्मी की मृत्यु के उपरांत क्षतिपूर्ति से जुड़े मामले में पीड़ित परिवार को भुगतान कराए जाने पर परिजनों ने मंत्री श्री ए.के. शर्मा का आभार व्यक्त किया।

 

नगर विकास विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई के दौरान शाहजहांपुर के अंकित भारतीय द्वारा टैक्स जमा किए जाने के बावजूद रिकॉर्ड अपडेट नहीं किए जाने का मामला सामने आया। इस पर मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की शिकायतें मंत्री स्तर तक आने की नौबत ही क्यों आई। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि ऐसे मामलों का निस्तारण निचले स्तर पर ही क्यों नहीं किया गया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की शिकायतें दोबारा सामने आईं तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

 

गोरखपुर के एक प्रकरण में चिन्हित मार्गों पर सोलर लाइट नहीं लगाए जाने की शिकायत पर मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए निर्धारित स्थानों पर सोलर लाइट लगवाने के निर्देश दिए। लखनऊ के श्री कपिल देव त्रिपाठी एवं श्री ओम प्रकाश गुप्ता द्वारा सीवर, गंदे पानी और कॉलोनी में अतिक्रमण से संबंधित समस्याएं उठाई गईं। मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने नगर निगम के अधिकारियों को इन समस्याओं का निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

 

जनसुनवाई के दौरान मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में विद्युत लोड बढ़ने के बावजूद ट्रांसफार्मरों का क्षमता वृद्धिकरण नहीं किया जा रहा है, जो चिंता का विषय है। इससे नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी होती है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिजली चोरी करने वालों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए, न कि ईमानदारी से बिल का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को परेशान किया जाए।

 

मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने जनपदीय अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की सख्त हिदायत देते हुए कहा कि कुछ अधिकारियों द्वारा राजनीतिक प्रभाव के तहत जनता को परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आती हैं, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं करने वाले अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि इसके बाद संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि विभाग के पास जनहित के कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। जनता से जुड़े जो भी कार्य आवश्यक हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा स्पष्ट है कि जनता की समस्याओं का समाधान निचले स्तर पर ही प्रभावी ढंग से हो और किसी नागरिक को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए उच्च स्तर तक आने की आवश्यकता न पड़े।

 

जनसुनवाई के दौरान डीजी विजिलेंस श्री रामकृष्ण स्वर्णकार, प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री रणवीर प्रसाद, प्रमुख सचिव नगर विकास श्री पी. गुरु प्रसाद, सचिव श्री अनुज कुमार झा, विशेष सचिव श्री प्रवीण लक्ष्यकार, श्री महेंद्र बहादुर सिंह, एमडी श्री मयूर माहेश्वरी, श्री नीतीश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे।

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