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एक क्लिक पर मरीज के स्वास्थ्य की सभी जानकारी मिलेगी, इस ओर देश तेजी से आगे बढ़ रहा है – कमिश्नर श्री शीलेंद्र सिंह

एक क्लिक पर मरीज के स्वास्थ्य की सभी जानकारी मिलेगी, इस ओर देश तेजी से आगे बढ़ रहा है – कमिश्नर श्री शीलेंद्र सिंह

चिकित्सक अपनी सोच में बदलाव कर भारत वर्ष के विकास में योगदान दें

सभी शासकीय और अशासकीय चिकित्सालय भी होंगे डिजिटल

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान रीवा मध्य प्रदेश 

रीवा. अब एक क्लिक पर मरीज के स्वास्थ्य पैरामीटर की सभी जानकारियां मिल जाएंगी। मरीज किसी भी जिले या प्रदेश में हो मात्र एक क्लिक पर उसके स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारियां स्क्रीन पर आ जाएंगी और मरीज की गंभीर से गंभीर बीमारियों का सफल इलाज संभव हो पाएगा। हमारा देश इस ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन अभियान सुचारू रूप से कार्य करे इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य कर्मचारी पूरी ईमानदारी से डिजिटल प्रक्रिया को अपनाएं। उक्त बात रीवा संभाग कमिश्नर श्री शीलेंद्र सिंह ने गुरुवार को विंध्या रिट्रीट में आयोजित प्रदेश की पहली क्षेत्रीय आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन वर्कशॉप में कहीं। कमिश्नर ने दीप प्रज्वलित कर प्रदेश की पहली क्षेत्रीय आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन वर्कशॉप का शुभारंभ किया। वर्कशॉप को संबोधित करते हुए कमिश्नर ने कहा कि सभी चिकित्सक अपनी सोच में बदलाव करते हुए निजी हित के बजाय मरीज के हित में कार्य करें। कमिश्नर ने कहा कि रीवा जिले को डिजिटल मिशन के लिए एक मॉडल के रूप में लिया गया है क्योंकि रीवा जिले की स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं चिकित्सक प्रतिभावान एवं क्षमतावान हैं। स्वास्थ्य एक ऐसा क्षेत्र है जहां क्वालिटी के साथ कार्य किया जाए तो स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश बहुत आगे बढ़ जाएगा। कमिश्नर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से जो अपेक्षा की गई है विभाग का अमला उसे पूरी ईमानदारी से पूरा करे। वर्कशॉप में बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त कर आयुष्मान डिजिटल भारत मिशन के तहत रीवा जिले को एक मॉडल के रूप में पहचान दिलाने में योगदान दें। कमिश्नर ने आशा व्यक्त की कि रीवा एवं शहडोल संभाग आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत एक मॉडल के रूप में विकसित होंगे ।

उल्लेखनीय है कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की शुरुआत भारत सरकार द्वारा देश में एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने के लिए की गई थी। इस अभियान की मुख्य विशेषता और उद्देश्य यह है कि भारत के सभी नागरिकों के लिए 14 अंकों की एक विशिष्ट आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट आईडी बनाई जाती है, जिसे आभा आईडी के नाम से जाना जाता है। इस आभा आईडी में सभी व्यक्तियों के सभी स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहते हैं। मरीज अपनी सहमति से अपने पुराने और नए मेडिकल रिकॉर्ड डॉक्टर या अस्पताल के साथ आसानी से साझा कर सकते हैं। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दूर दराज के क्षेत्र में भी ऑनलाइन परामर्श और इलाज संभव हुआ है।

वर्कशॉप को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. जे. एस. परिहार ने बताया कि रीवा संभाग के सभी जिलों में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को आगे बढ़ाया जाएगा। सभी शासकीय और अशासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य का डिजिटल डाटा संधारित किया जाएगा। रीवा संभाग के सभी जिले गर्भवती महिलाओं के एएनसी चेकअप में 90 प्रतिशत तक के पॉइंट पर पहुंच गए हैं। भोपाल से आए डॉ. राहुल जैन ने कहा कि इसके पूर्व एक राज्य स्तरीय कार्यशाला उप मुख्यमंत्री जी की उपस्थिति में भोपाल में आयोजित की गई थी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ झारखंड के रांची शहर से किया था। आयुष्मान कार्ड के तहत बीपीएल मरीज का 5 लाख तक का नि:शुल्क इलाज किया जाता है। इसमें अब 75 वर्ष आयु के व्यक्तियों के इलाज को भी शामिल किया गया है। भारत सरकार अब प्रयास कर रही है कि आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिले।

मेडिकल कॉलेज रीवा के डीन डॉ. शशिधर गर्ग ने वर्कशॉप को संबोधित करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन भारत सरकार का एक क्रांतिकारी कदम है। आज की स्थिति में एक शिक्षित मरीज को भी अपने इलाज की बारीक जानकारी नहीं पता रहती है। लेकिन अब मरीज के रिकॉर्ड डिजिटल हो जाने से उनके हेल्थ से संबंधित सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे। मरीज के हेल्थ पैरामीटर का डेटा सुरक्षित रहेगा और एक क्लिक पर उपलब्ध होगा। मरीज देश के किसी भी स्थान पर अपने इस डेटा के माध्यम से इलाज करा सकेंगे। इस सिस्टम को अपनाने में स्वास्थ्य विभाग के अमले को थोड़ी दिक्कत होगी, लेकिन एक बार सीखने पर यह रूटीन में आ जाएगा।

वर्कशॉप में बताया गया कि रीवा जिले में अब तक आयुष्मान कार्ड के माध्यम से 6 अरब रुपए की राशि मरीजों के उपचार में व्यय हुई है। एयर एंबुलेंस का बेहतर उपयोग रीवा जिले में किया जा रहा है। एयर एम्बुलेंस के माध्यम से मरीजों को बड़े शहर के अस्पतालो में शिफ्ट करने में रीवा जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। आयुष्मान डिजिटल भारत मिशन के वर्कशॉप में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रीवा डॉ. सुधाकर पाण्डेय, संभाग के अन्य जिलों के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, समस्त सिविल सर्जन, सभी डीएचओ, अस्पतालों के संचालक, चिकित्सक, रीवा जिले का पैरामेडिकल स्टाफ, नर्स एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

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