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“सबका सम्मान-जीवन आसान” कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने सुनीं जन समस्याएं।

“सबका सम्मान-जीवन आसान” कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने सुनीं जन समस्याएं।

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान सीतामढ़ी बिहार 

बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ’’सात निश्चय-3’’ अंतर्गत सातवें निश्चय सबका सम्मान-जीवन आसान के तहत आज समाहरणालय स्थित अपने विमर्श कक्ष में जिला पदाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया ने आमजनों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी शिकायतें सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं जहां परिवादों को सुना गया एवं उसके समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए गए।

 

जनसुनवाई के दौरान 236 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना,आई सी डी एस, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सड़क, राशन कार्ड,अतिक्रमण, सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी परिवाद प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक मामले की बारीकी से समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

 

जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसमस्याओं के निष्पादन में जिले के सभी पदाधिकारी पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल समाधान निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि सेवा-संवाद-समाधान कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है। इससे न केवल समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया तेज हुई है, बल्कि प्रशासन के प्रति आम लोगों का भरोसा भी और अधिक मजबूत हुआ है।

 

 

आज जिला पदाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया द्वारा कार्यालय कक्ष में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपील के मामलों की सुनवाई की गई।

 

सुनवाई के दौरान बोखड़ा अंचल से संबंधित अतिक्रमणवाद के एक परिवाद में अंचल अधिकारी, बोखड़ा के अनुपस्थित रहने तथा उनके स्थान पर राजस्व अधिकारी अथवा किसी अन्य कर्मी के उपस्थित नहीं रहने को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी ने अंचल अधिकारी, बोखड़ा पर 1,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाने एवं एक दिन का वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया।

 

सुनवाई के दौरान कुल 15 मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 9 मामलों में आदेश पारित किए गए।

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