मुख्यमंत्री फडणवीस की पहल से बनी ‘वारी’ पर डॉक्यूमेंट्री को अंतरराष्ट्रीय सम्मान
‘पंढरपुर वारी-इन द फुटस्टेप्स ऑफ द सेंट्स’ को एशियन अकादमी क्रिएटिव अवॉर्ड्स में भारत का राष्ट्रीय विजेता चुना गया
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान मुंबई महाराष्ट्र
मुंबई,। महाराष्ट्र की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत पंढरपुर आषाढ़ी वारी को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा निर्मित डॉक्यूमेंट्री ‘पंढरपुर वारी-इन द फुटस्टेप्स ऑफ द सेंट्स’ को प्रतिष्ठित एशियन अकादमी क्रिएटिव अवॉर्ड्स 2026 में ‘सर्वश्रेष्ठ ब्रांडेड कार्यक्रम’ श्रेणी में भारत का राष्ट्रीय विजेता चुना गया है।
यह उपलब्धि महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक एवं संत परंपरा की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान के रूप में देखी जा रही है। डॉक्यूमेंट्री का निर्माण सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के संयुक्त प्रयास से किया गया है। इसका प्रसारण डिस्कवरी की दुनिया भर में संचालित विभिन्न चैनलों पर किया गया है।
करीब 22 मिनट की अंग्रेजी भाषा में तैयार इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से महाराष्ट्र की संत परंपरा, वारकरी संप्रदाय और सैकड़ों वर्षों से चली आ रही पंढरपुर वारी की परंपरा को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया गया है। संत ज्ञानेश्वर और संत तुकाराम महाराज द्वारा दिए गए भक्ति, समानता, मानवता और भाईचारे के संदेश को भी इसमें प्रमुखता से सामने रखा गया है।
‘वारी की गौरवशाली परंपरा का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान’ — मुख्यमंत्री फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पंढरपुर वारी भक्ति की एक प्राचीन परंपरा है, जो जाति, धर्म और अमीर-गरीब का भेद किए बिना सभी को भगवान विठ्ठल की भक्ति में एकजुट करती है। इस महान परंपरा, उसके उद्देश्य और विचारों को दुनिया तक पहुंचाने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से यह डॉक्यूमेंट्री तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री को एशियन अकादमी क्रिएटिव अवॉर्ड्स 2026 में भारत के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ ब्रांडेड कार्यक्रम’ श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना गौरव की बात है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी को बधाई दी तथा लोगों से वारी की गौरवशाली परंपरा को दर्शाने वाली इस डॉक्यूमेंट्री को देखने की अपील की।
वारी की सांस्कृतिक परंपरा को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के प्रधान सचिव एवं महानिदेशक ब्रिजेश सिंह ने कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र के विभिन्न देशों से प्रस्तुत की गई उत्कृष्ट प्रस्तुतियों में से इस डॉक्यूमेंट्री को भारत का राष्ट्रीय विजेता चुना गया है।
उन्होंने कहा कि इस सम्मान से महाराष्ट्र की भक्ति परंपरा, संत साहित्य, सामाजिक समानता का संदेश और वारी की विशिष्ट सांस्कृतिक परंपरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।



