
सरस मेले में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने प्रदर्शित किए स्वनिर्मित उत्पाद, जिलाधिकारी ने किया उत्साहवर्धन
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में सरस मेला महत्वपूर्ण पहल
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान औरैया उत्तर प्रदेश
औरैया, जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देशन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत तिरंगा मैदान, ककोर में भव्य सरस मेले का आयोजन किया गया। मेले का मुख्य उद्देश्य जनपद के विभिन्न विकास खंडों से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उनके द्वारा निर्मित उत्पादों के प्रदर्शन, प्रचार-प्रसार एवं विपणन के लिए सशक्त मंच उपलब्ध कराना तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के अवसर प्रदान करना रहा।
मेले में जनपद के विभिन्न विकास खंडों से आई स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प, घरेलू उपयोग की वस्तुओं एवं पारंपरिक उत्पादों के आकर्षक स्टॉल लगाए। महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों के माध्यम से उनके हुनर, रचनात्मकता और उद्यमशीलता का प्रदर्शन किया गया। सरस मेले ने ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों की पहचान स्थापित करने तथा उन्हें अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी बृजेश कुमार सहित उपस्थित अधिकारियों ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की गुणवत्ता एवं उपयोगिता की सराहना करते हुए महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। अधिकारियों ने महिलाओं को अपने उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, आकर्षक पैकेजिंग एवं बेहतर ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
जिलाधिकारी ने महिला समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने तथा उनके विपणन के लिए प्रभावी प्रयास किए जाने पर बल दिया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होने वाले उत्पादों को अधिक व्यापक पहचान मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनकी आय में वृद्धि करने और उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से महिलाओं को अपने कौशल का प्रदर्शन करने और अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने का अवसर मिलता है।
सरस मेले का आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने तथा स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग, गुणवत्ता में सुधार और बाजार से प्रभावी जुड़ाव के माध्यम से महिला समूहों की आय में वृद्धि की संभावनाओं को बल मिलेगा। इससे ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी राम कृपाल चौधरी, परियोजना निदेशक डीआरडीए मनीष कुमार मौर्य,उपायुक्त (स्वतः रोजगार), समस्त जिला मिशन प्रबंधक एवं ब्लॉक मिशन प्रबंधक सहित संबंधित अधिकारी, समूह की महिलाएं आदि उपस्थित रहे।


