
जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न, स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश
टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान एवं उपचार पर जोर, संस्थागत प्रसव और प्रथम तिमाही पंजीकरण की प्रगति बढ़ाने के निर्देश
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा-जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, टीबी उन्मूलन अभियान, संस्थागत प्रसव, जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों के भुगतान तथा गर्भवती महिलाओं के प्रथम तिमाही पंजीकरण की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में टीबी नोटिफिकेशन की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि 07 अक्टूबर, 2026 तक जनपद में टीबी नोटिफिकेशन की प्रगति 92.58 प्रतिशत रही। विभिन्न टीबी यूनिटों की प्रगति में टीयू राजपुर 49.77 प्रतिशत, भरथना 64.92 प्रतिशत तथा जसवंतनगर 60.77 प्रतिशत पर रहा। जिलाधिकारी महोदय ने कम प्रगति वाले क्षेत्रों में विशेष ध्यान देते हुए टीबी मरीजों की अधिक से अधिक पहचान एवं नोटिफिकेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों की जितनी जल्दी पहचान कर उपचार शुरू किया जाएगा, बीमारी के प्रसार को रोकने में उतनी ही मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान (PMTBMBA) वर्ष 2026 की प्रगति 69.53 प्रतिशत बताई गई। जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित अधिकारियों को अभियान के अंतर्गत निर्धारित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया।
बैठक में अप्रैल से सितंबर 2026 तक संस्थागत प्रसव की प्रगति की समीक्षा की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2025 में 2,624 संस्थागत प्रसव हुए थे, जबकि सितंबर 2026 में यह संख्या 2,304 रही। जिलाधिकारी महोदय ने उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं तथा संबंधित क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव की स्थिति की समीक्षा करते हुए महेवा एवं बसेहर अन्य कम प्रगति वाले क्षेत्रों में सुधार लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि फील्ड में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा गर्भवती महिलाओं को समय से स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने और सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निजी स्वास्थ्य केंद्रों की भी जांच कराई जाए, ताकि वहां निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित रहें।
जननी सुरक्षा योजना (JSY) के लाभार्थियों के भुगतान की समीक्षा के दौरान कुल प्रगति 70.75 प्रतिशत बताई गई। जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित अधिकारियों को लाभार्थियों के भुगतान की स्थिति की नियमित समीक्षा करने तथा पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार समय से भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
गर्भवती महिलाओं के प्रथम तिमाही पंजीकरण की तुलनात्मक समीक्षा में चकरनगर की प्रगति 79.97 प्रतिशत, महेवा की 70.04 प्रतिशत, सैफई की 62.21 प्रतिशत तथा ताखा की 40.12 प्रतिशत रही। जिलाधिकारी महोदय ने विशेष रूप से ताखा, सैफई, महेवा सहित कम प्रगति वाले क्षेत्रों में पंजीकरण बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था की प्रथम तिमाही में पंजीकरण होने से महिलाओं को समय से प्रसवपूर्व जांच, आवश्यक परामर्श एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
जिलाधिकारी महोदय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा करते हुए कम प्रगति वाले क्षेत्रों में विशेष कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कार्रवाई की जाए। फील्ड स्तर पर स्वास्थ्यकर्मियों की जिम्मेदारी तय करते हुए योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में अपेक्षित सुधार लाया जा सके।
उक्त बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बृजेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (पुरुष) परितोष शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (महिला) अनिल कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, समस्त एम0ओ0आई0सी सहित संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

