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हर साल खेती का रकबा बढ़ाते हुए किसानों के लिए कामर्शियल सीड को प्रमोट करें – कमिश्नर 

नरवाई का उचित प्रबंधन करने वाले किसानों को प्रोत्साहन स्वरूप उन्नत बीज उपलब्ध कराएं

हर साल खेती का रकबा बढ़ाते हुए किसानों के लिए कामर्शियल सीड को प्रमोट करें – कमिश्नर 

नरवाई का उचित प्रबंधन करने वाले किसानों को प्रोत्साहन स्वरूप उन्नत बीज उपलब्ध कराएं

पशुओं में नस्ल सुधार कर उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ाई जाए

किसानों की फार्मर आईडी एवं ई केवाईसी प्राथमिकता से कराएं

उद्यानिकी विभाग फसलों में नवाचार करके कृषकों को बड़ा उद्यमी बनाएं

चलित पशु चिकित्सा इकाई को और अधिक सक्रिय करते हुए पशु उपचार सुनिश्चित किया जाए

सभी जिलों में स्मार्ट फिश पार्लर बनाएं, कार्य में लापरवाही बरतने वाले मत्स्य अधिकारियों पर की जाएगी प्रभावशील कारवाई

कमिश्नर ने कृषि आदान की बैठक में दिए निर्देश

 

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान रीवा मध्य प्रदेश 

  रीवा. रीवा संभाग कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान में संभाग के सभी जिलों में विशेष तौर पर सतना और रीवा में नरवाई में आग लगाने की घटनाएं बहुतायत में हो रही हैं। इन घटनाओं पर प्रभावशाली अंकुश लगाने के लिए यदि कोई किसान हैप्पी सीडर, सुपरसीडर और बेलर मशीन का उपयोग करते हुए नरवाई का उचित प्रबंधन करते हैं तो ऐसे किसानों को प्रोत्साहन स्वरूप उन्नत बीज के सीड उपलब्ध कराए जाएं। इससे अन्य किसान भी प्रोत्साहित होंगे और वह नरवाई में आग लगाने की घटना में कमी करेंगे। उल्लेखनीय है कि कमिश्नर कृषि आदान की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उन्होंने कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, सहकारिता विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग, विपणन संघ, मंडी बोर्ड, के कार्यों की संभागीय समीक्षा की।

 

 

कमिश्नर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि साल दर साल खेती की जमीन कतिपय कारणों से कम होती जा रही है। अतः कृषि विभाग के अधिकारी खेती का रकबा बढ़ाने का विशेष प्रयास करें। किसानों को कामर्शियल सीड देकर प्रमोट करें। किसानों को प्रोत्साहित करें कि वह परंपरागत फसल के साथ-साथ अन्य लाभदायक फसल भी लें। किसानों को जौ, चना, मटर एवं तिलहन की फसल के लिए प्रेरित किया जाए। संभाग में इस बार फसल उत्पादकता बढ़ाने के लिए किसानों को अच्छी किस्म के बीज की जानकारी देने के लिए पंपलेट बनाकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। पंपलेट में फसल का नाम, बीज का नाम, दर, बीज कहां उपलब्ध होगा तथा बोनी के तरीके का स्पष्ट उल्लेख हो। कमिश्नर ने कहा कि हम ऐसा एरिया चिन्हित करें जहां पर किसान एक समय में दो से अधिक फसल एक साथ ले सके। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों की फार्मर आईडी एवं ई केवाईसी बनाई जाए। कमिश्नर ने सांसद एवं विधायक निधि से किसानों के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में बनने वाले किसान शेड निर्माण की जानकारी ली और कहा कि जहां शेड का निर्माण नहीं हुआ है वहां शेड निर्माण कार्य प्राथमिकता से करा लिया जाए।

 

 

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिये कि विभाग विविध फसलों में निरंतर नवाचार करके फसल उत्पादन को प्रोतसाहित करें। किसानों को बड़ा उद्यमी बनाएं। जिलों में क्लस्टर आधारित उद्यानिकी फसलों जैसे सब्जी, पुष्प, मसाला, अमरूद कट फ्लावर, धनिया, लहसुन, आम एवं केले की खेती को व्यापक रूप से बढ़ावा दिया जाए। बताया गया कि क्लस्टर आधारित उद्यानिकी फसलों के अंतर्गत रीवा में सुंदरजा आम, अमरूद, मैहर में पुष्प, सतना, सीधी एवं सिंगरौली में सब्जी की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मखाना की खेती का नया नवाचार किया गया है। जिसके अंतर्गत रीवा जिले के 06 किसानों को मखाना की खेती के लिए प्रशिक्षित भी किया गया है। अन्य नवाचार के तहत सीधी में ड्रैगन फूड, सिंगरौली में ग्राफ्टेड टमाटर, मऊगंज में स्ट्रॉबेरी, सिंगरौली में बैगन के पौधों पर टमाटर लगाने का डेमोटे प्रयोग किया गया है। रीवा एवं मऊगंज में ड्रैगन फूड की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि विभाग द्वारा किए जा रहे इस नवाचार की सफलता की कहानी का व्यापक प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित करें ताकि अन्य किसान भी व्यावसायिक खेती की ओर आकर्षित हो सकें।

 

 

कमिश्नर ने पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए की विभाग पशुओं के नस्ल सुधार पर विशेष रूप से कार्य करें और उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ाए। कमिश्नर ने कहा कि उन्नत दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ने से लोग अपने पशुओं की देखरेख घर पर ही करेंगे और इससे सड़कों पर आवारा विचरण करने वाले पशुओं की संख्या में व्यापक रूप से कमी आएगी। कमिश्नर ने विभाग द्वारा संचालित चलित पशु चिकित्सा इकाई को और अधिक सक्रिय करने के निर्देश दिए और कहा कि वर्तमान में अपेक्षा के अनुरूप चलित पशु चिकित्सा इकाई से पशुओं का उपचार नहीं किया जा रहा है। इसे व्यापक रूप से और ज्यादा उपयोगी बनाया जाए। कमिश्नर ने मुख्यमंत्री गौशाला योजना अंतर्गत मनरेगा मद से स्वीकृत गौशालाओं की जानकारी ली एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना और आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना में चयनित हितग्राहियों की संख्या बढ़ाते हुए सभी हितग्राहियों के प्रकरण प्राथमिकता से बैंक में स्वीकृत कराकर वितरण करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने क्षीर धारा ग्रामों एवं दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान की समीक्षा की।

 

 

डेयरी विभाग की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिए कि संभाग के सभी ग्राम पंचायत में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन कर सभी समितियों का सहकारी बैंक में रजिस्ट्रेशन कराया जाए। स्पष्ट किया गया कि एक गांव से एक समिति में 21 सदस्य अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। जिला विपणन संघ की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि शासन द्वारा तय किए गए दर पर ही यूरिया और उर्वरकों का वितरण किया जाएगा। तय दर से अधिक दर पर वितरण करने का किसी को अधिकार नहीं है। यदि तय दर से अधिक दर पर समितियां, विपणन संघ या निजी एजेंसी वितरण करती पाई जाती हैं तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियम अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवश्यकता एवं मांग का आकलन कर अभी से उर्वरक व यूरिया, एनपीके की उपलब्धता तथा वितरण की समुचित निगरानी करें। किसानों को कतार में लगने की स्थिति न बने।

 

 

कमिश्नर ने मत्स्य विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए की शासन द्वारा सभी जिलों में लक्ष्य अनुसार स्मार्ट फिश पार्लर बनाए जाने हैं। कई जिलों में अभी भी फिश पार्लर का कार्य प्रगति पर नहीं है। इस पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए कमिश्नर ने कहा कि स्मार्ट फिश पार्लर बनाए जाने के कार्य में लापरवाही बरतने वाले मत्स्य अधिकारियों पर प्रभावशील कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आगामी 7 दिवस के अंदर स्मार्ट फिश पार्लर निर्माण के कार्य में अपेक्षित प्रगति दिखनी चाहिए। कमिश्नर ने कृषि उपज मंडी विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी ई मंडियो में व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बाहर के व्यापारियों को भी उपज खरीदने का अवसर दिया जाए। प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जाए, जिससे किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम मिल सके। कमिश्नर ने सभी मंडी सचिवों की ई गवर्नेंस के माध्यम से कंप्यूटर की ट्रेनिंग करवाने के भी निर्देश दिए। बताया गया कि संभाग की सभी कृषि उपज मंडियो में क्लीनिक ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग का कार्य किया जा रहा है। कमिश्नर ने सभी मंडी सचिवों को निर्देश दिए कि वह किसानों के मंडी में प्रवेश एवं निकासी में लगने वाले 9 से 10 घंटे के समय में कमी करते हुए कम समय में किसानों की उपज खरीद कर किसानों के मंडी से निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

 

 

कमिश्नर ने जिला सहकारी बैंक की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पैक्स सदस्यता अभियान के अंतर्गत नए सदस्य बनाए जाएं। उन्होंने बैंक के माध्यम से ऋण वितरण की मात्रा बढ़ाने के निर्देश दिए साथ ही कहा कि वितरित ऋण की वसूली भी प्राथमिकता से की जाए। कमिश्नर ने फसल ऋणमान हेतु जिला स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक सभी जिलों में 12 नवंबर से पूर्व करने के निर्देश दिए। कृषि आदान की बैठक में संयुक्त आयुक्त वीरेंद्र पटेल एवं सभी संबंधित विभाग के संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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