
समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से ग्रामीणों का विश्वास जीतें चिकित्सक
मैदानी अमले से सतत संवाद बनाए रखें – उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल
उप मुख्यमंत्री ने वीडियो कान्फेसिंग से सीधी, सिंगरौली एवं डिंडोरी के डॉक्टर्स से किया संवाद
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान रीवा मध्य प्रदेश
रीवा : उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने भोपाल स्थित निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधी, सिंगरौली एवं डिंडोरी जिले में पदस्थ बॉन्डेड डॉक्टर्स से संवाद किया। उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को ग्रामीण क्षेत्रों में समर्पण, संवेदनशीलता एवं सेवाभाव के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थापना चिकित्सकों के लिए पीड़ित मानवता की सेवा करने के साथ ही भारत के ग्रामीण परिवेश की स्वास्थ्य चुनौतियों को करीब से समझने का महत्वपूर्ण अवसर है। चिकित्सक समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान कर स्थानीय नागरिकों का विश्वास अर्जित करें। इसके लिए आशा, एएनएम एवं कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) सहित मैदानी स्वास्थ्य अमले से निरंतर संवाद और समन्वय बनाए रखें।
उप मुख्यमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन, एनीमिया मुक्त भारत सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए नियमित स्क्रीनिंग, समय पर जांच, उपचार एवं जन-जागरूकता गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उप मुख्यमंत्री ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए विशेष रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला की शत-प्रतिशत प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के अंतर्गत प्रत्येक माह की 9 एवं 25 तारीख को गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसके संबंध में व्यापक जन-जागरूकता बढ़ाई जाए, ताकि सभी गर्भवती महिलाएं नियमित जांच का लाभ ले सकें। उप मुख्यमंत्री ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत पहचान एवं चिन्हांकन करने तथा सभी चिन्हित महिलाओं को समय रहते आवश्यक चिकित्सा संस्थानों में पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए मैदानी अमले से सतत संवाद रखने और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेकर जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों में स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूकता एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने की प्रवृत्ति (हेल्थ सीकिंग बिहेवियर) विकसित करना आवश्यक है। जब लोगों को समय पर अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, तो उनका स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ेगा और वे नियमित जांच के लिए स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचेंगे। इससे बीमारियों की समय रहते पहचान और समुचित उपचार संभव होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्वास्थ्य जांच के हब एंड स्पोक मॉडल को प्रभावी बनाने तथा विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता के लिए टेलीमेडिसिन एवं ई-संजीवनी का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की स्वीकार्यता बढ़ने से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श एवं उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
बॉन्डेड डॉक्टर्स से जाना स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक – संवाद के दौरान बताया गया कि सीधी जिले में 16, सिंगरौली में 54 एवं डिंडोरी में 21 नए बॉन्डेड डॉक्टर्स पदस्थ किए गए हैं। इन चिकित्सकों की पदस्थापना से संबंधित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है। सीधी जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनजारी में पदस्थ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से चिकित्सकीय सेवाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। उनके पदस्थ होने के बाद स्थानीय नागरिकों में उत्साह बढ़ा है और ओपीडी में मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की स्क्रीनिंग को भी प्रोत्साहित करने की बात कही। इसमें उच्च रक्तचाप, मधुमेह तथा मुख एवं स्तन कैंसर की निःशुल्क जांच की जाती है। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सेवाओं को भी सक्रिय बनाने पर जोर दिया।
चिकित्सकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश – उप मुख्यमंत्री ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित साफ-सफाई, आवश्यक सहयोगी स्टाफ एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों को बॉन्डेड डॉक्टर्स को कार्य करने के लिए आवश्यक सहयोग एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उप मुख्यमंत्री ने सभी बॉन्डेड डॉक्टर्स को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जन चिकित्सक को कलयुग का भगवान मानते हैं, लेकिन वास्तव में वही चिकित्सक इस सम्मान के पात्र हैं, जो अपने मरीजों और पीड़ित मानवता को सर्वोपरि मानते हुए समर्पण एवं सद्भाव से उनकी सेवा करते हैं। सुरक्षित मातृत्व एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति पंचायत स्तर पर जागरूकता और सहभागिता बढ़ाई जाए। प्रशासनिक अधिकारी इस दिशा में स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित करें। बैठक में संबंधित अधिकारी शामिल रहे।


