उजनी बांध पर 2 हजार मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे,: उजनी बांध क्षेत्र में प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर, बैटरी स्टोरेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डेटा सेंटर परियोजना को लेकर उठ रहे सवालों, गलतफहमियों और अफवाहों पर प्रशासन ने स्पष्टीकरण दिया है। इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने 16 अप्रैल 2026 को समझौता ज्ञापन (MOU) किया है। प्रशासन के अनुसार, इस परियोजना से स्थानीय विकास को गति मिलेगी।
प्रस्तावित परियोजना के तहत उजनी जलाशय के पूर्ण जलस्तर पर कुल 33,630 हेक्टेयर क्षेत्र में से केवल 3,000 हेक्टेयर यानी लगभग 9 प्रतिशत क्षेत्र में फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्थापित की जाएगी। शेष 91 प्रतिशत जलाशय खुला रहेगा।
इस परियोजना से 2,000 मेगावाट बिजली उत्पादन होने की उम्मीद है। इसके साथ ही 1,800 मेगावाट क्षमता की बैटरी स्टोरेज व्यवस्था और 1.4 गीगावाट क्षमता का अत्याधुनिक AI आधारित डेटा सेंटर प्रस्तावित है।
पहले चरण में 415 एकड़ सरकारी जमीन
परियोजना के पहले चरण के लिए भीमानगर-रांझणी (तहसील माढा), तरटगांव और हिंगणगांव (तहसील इंदापुर) में कुल 415.75 एकड़ जमीन प्रस्तावित है।
दूसरे चरण में वन विभाग की मंजूरी मिलने पर अतिरिक्त 174 एकड़ जमीन का उपयोग किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इसके अलावा किसी भी निजी या अन्य सरकारी जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव नहीं है।
भीमानगर में जलसंपदा विभाग की जमीन पर रहने वाले 311 परिवारों को बिना किसी मुआवजे के 51.18 एकड़ जमीन दी गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाएगा। अधिग्रहित क्षेत्र की लगभग 12 एकड़ जमीन पर खेती करने वाले किसानों से चर्चा कर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
पानी का इस्तेमाल 0.5 टीएमसी से कम
परियोजना के लिए 6 टीएमसी पानी की आवश्यकता होने की चर्चाओं को प्रशासन ने गलत बताया है। परियोजना की योजना के अनुसार प्रतिवर्ष 0.42 टीएमसी पानी की आवश्यकता होगी और अधिकतम उपयोग 0.5 टीएमसी प्रतिवर्ष रहेगा।
प्रशासन के अनुसार, मौजूदा जल वितरण व्यवस्था में कोई कटौती नहीं की जाएगी और किसानों की पानी आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
डेटा सेंटर में पारंपरिक पानी आधारित कूलिंग के बजाय ‘क्लोज्ड लूप डायरेक्ट टू चिप’ तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पानी का उपयोग सीमित रहेगा। साथ ही किसी भी प्रकार का प्रोसेस किया हुआ गंदा पानी उजनी बांध या नदी में नहीं छोड़ा जाएगा।
ग्रीन हाइड्रोजन और परमाणु ऊर्जा परियोजना नहीं
उजनी क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन या स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) आधारित परमाणु ऊर्जा परियोजना स्थापित किए जाने की चर्चाओं को भी प्रशासन ने खारिज किया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना को प्रस्ताव से हटा दिया गया है और SMR परियोजना भी इसमें शामिल नहीं है।
2,800 स्थायी रोजगार मिलने की उम्मीद
इस परियोजना से लगभग 2,800 स्थायी रोजगार और 40 हजार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
पुणे और सोलापुर जिले के इंजीनियरिंग तथा उच्च तकनीकी शिक्षा संस्थानों के विद्यार्थियों को रोजगार और इंटर्नशिप के अवसर मिल सकते हैं।
फ्लोटिंग सोलर परियोजना से महाराष्ट्र कृष्णा घाटी विकास महामंडल को हर साल लगभग 180 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है। इस राशि का उपयोग उजनी परियोजना के रखरखाव, मरम्मत और जल वितरण व्यवस्था के लिए किया जाएगा।
इसके अलावा कंपनी के CSR फंड से स्थानीय बुनियादी सुविधाओं के विकास की योजना भी बनाई गई है।
पर्यावरणीय मंजूरी के बाद ही आगे की कार्रवाई
प्रशासन का दावा है कि जलाशय का 91 प्रतिशत हिस्सा खुला रहने से सूर्यप्रकाश उपलब्ध रहेगा और मछलियों, जलीय जीवों तथा जैव विविधता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
परियोजना को मंजूरी देने से पहले पर्यावरण और जैव विविधता संबंधी आवश्यक अनुमतियां ली जाएंगी।
प्रशासन के अनुसार, फ्लोटिंग सोलर परियोजना से पानी के वाष्पीकरण में कमी आएगी और सालाना लगभग 1.5 टीएमसी पानी की बचत होने की उम्मीद है।
परियोजना को लेकर स्थानीय नागरिकों की शंकाओं का समाधान करने के लिए महाराष्ट्र कृष्णा घाटी विकास महामंडल, पुणे की ओर से एक स्वतंत्र परियोजना समन्वयक नियुक्त किया जाएगा।
भीमानगर, तरटगांव और हिंगणगांव से चार-चार स्थानीय प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा। इनके माध्यम से नागरिकों के साथ संवाद स्थापित किया जाएगा।
इस संबंध में उपविभागीय अधिकारी, सीना-माढा परियोजना उपविभाग क्रमांक 1 तथा उजनी बांध प्रबंधन उपविभाग की ओर से जानकारी दी


