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गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद का नया रास्ता खुला

गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद का नया रास्ता खुला

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे,। राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों को इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महाराष्ट्र सरकार द्वारा ‘महाराष्ट्र पब्लिक रिलीफ सोसायटी’ गठित करने का निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सहायता निधि को व्यापक स्वरूप देते हुए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से अतिरिक्त धन जुटाने का रास्ता इससे खुल सकेगा। यह बात रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. हुलगेश चलवादी ने मंगलवार को कही।

 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित यह सोसायटी मुख्यमंत्री सचिवालय के अधीन कार्य करेगी। मुख्य सचिव सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी इसके प्रबंधन में शामिल रहेंगे।

 

डॉ. चलवादी के अनुसार, इस पहल का लाभ हृदय रोग, कैंसर, किडनी फेलियर, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को मिल सकता है। महंगे ऑपरेशन और उपचार का खर्च वहन करना कई गरीब परिवारों के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में मुख्यमंत्री सहायता निधि के अलावा CSR के माध्यम से मिलने वाली अतिरिक्त सहायता राहत दे सकती है।

 

सोसायटी का उद्देश्य केवल मरीजों तक सीमित नहीं रहेगा। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित नागरिकों, दुर्घटनाओं में मृत या घायल लोगों के आश्रितों, दंगों से प्रभावित परिवारों, नक्सली हमलों से प्रभावित परिवारों तथा दिव्यांगों के लिए काम करने वाली संस्थाओं को भी सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।

 

इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य शिविरों, चिकित्सा शिक्षा से संबंधित जनजागरूकता और स्वास्थ्य क्षेत्र में शोध को भी आर्थिक सहयोग देने का उद्देश्य रखा गया है।

 

डॉ. चलवादी ने कहा कि CSR निधि का योजनाबद्ध उपयोग होने से निजी कंपनियों, औद्योगिक संस्थानों और सामाजिक क्षेत्र के योगदान के माध्यम से जरूरतमंदों के लिए अतिरिक्त सहायता के स्रोत तैयार हो सकते हैं। इससे महंगे इलाज के कारण आर्थिक संकट झेल रहे गरीब परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

 

हालांकि, इस पहल का वास्तविक लाभ कितने लोगों तक पहुंचता है, यह CSR के माध्यम से उपलब्ध होने वाली राशि, सहायता के मानदंड और आवेदन मंजूरी की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि निधि का पारदर्शी प्रबंधन, पात्र लाभार्थियों का उचित चयन और समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना बेहद जरूरी होगा।

 

डॉ. चलवादी ने कहा कि यह निर्णय गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों के लिए आर्थिक सहायता का नया अवसर उपलब्ध करा सकता है। प्रभावी क्रियान्वयन होने पर इसका लाभ स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में व्यापक रूप से मिल सकता है।

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