गोकुल में हस्तक्षेप नहीं करना है तो नियुक्ति आदेश (जीआर) वापस लें फडणवीस: गोपालदादा तिवारी
पाटील और मुश्रीफ को साथ बैठाने की सलाह देने के बजाय महायुति के संचालकों से कोरम पूरा कराने को कहें मुख्यमंत्री
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे,। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान का स्वागत किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार गोकुल दूध संघ के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती। हालांकि, तिवारी ने मुख्यमंत्री से राज्यपाल द्वारा मंजूर नियुक्ति आदेश (जीआर) तत्काल वापस लेने की मांग की है।
गोपालदादा तिवारी ने कहा कि यदि फडणवीस सरकार वास्तव में गोकुल के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती है, तो उसे दूध उत्पादक सदस्यों द्वारा चुनाव में दिए गए जनादेश का सम्मान करना चाहिए। मुख्यमंत्री को सतेज पाटील और हसन मुश्रीफ को एक साथ बैठने की सलाह देने के बजाय महायुति के संचालकों को कोरम पूरा करने की सलाह देनी चाहिए। यही वास्तविक संवैधानिक कर्तव्य का पालन होगा।
उन्होंने कहा कि गोकुल दूध संघ के प्रतिष्ठित चुनाव में पूर्व मंत्री एवं विधान परिषद में कांग्रेस के नेता सतेज उर्फ बंटी पाटील के नेतृत्व वाले पैनल ने बहुमत से जीत हासिल की है। महाविकास आघाड़ी के 13 निर्वाचित संचालकों के साथ कांग्रेस मजबूती से खड़ी है।
तिवारी ने कहा कि चुनाव में सफलता नहीं मिलने के बाद सरकारी नियुक्तियों के माध्यम से संस्था के कामकाज में हस्तक्षेप करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। भाजपा को गोकुल के कामकाज में राजनीतिक हस्तक्षेप करने के बजाय विपक्ष की भूमिका निभाते हुए संस्था के कामकाज पर नजर रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए संचालक मंडल के कामकाज में बाधा डालने के बजाय संस्था का संचालन सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर जागरूक और सतर्क विपक्ष की संवैधानिक भूमिका निभाना ही लोकतंत्र के प्रति सच्ची जिम्मेदारी होगी।


