
रिपोर्ट देवेन्द्र सिंह तोमर
निर्भीक एवं निष्ठावान मुख्यमंत्री की छवि धूमिल कर रहे यूपी के कुछ अधिकारी।
(इन पर मुख्यमंत्री योगी का ध्यान ना देना शर्मनाक _ जनता ने यह बात कही ।)
लखनऊ/इटावा/बहराइच: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जो एक जान प्रिय नेता निर्भीत एवं साहसी तथा ऊर्जावान इमानदार व्यक्तित्व का धनी मुख्यमंत्री के रूप में जनता सम्मान देने लगी है तो इसका अर्थ यह भी नहीं है
इसी तरह का एक उदाहरण और उत्तर प्रदेश के जनपद इटावा जो पूर्व मुख्यमंत्री का होम डिस्ट्रिक्ट भी है वहां के कुछ अधिकारियों के कारनामे तो विपक्षी पार्टियों को खुलकर सपोर्ट करना साबित करते हैं फिर भी मुख्यमंत्री का ध्यान न जाना आश्चर्यजनक नहीं तो और क्या समझा जाय जैसे कि इटावा जनपद के जसवंत नगर में खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सहायक लेखाकार विमल कुमार का स्थानांतरण तीन बार हुआ है किंतु तीनों बार अपने रसूख के दम पर स्थानांतरण रुकवाने में कामयाब रहा साथी अलकेश सकलेचा इस पर भी धन उगाही के आरोप लगा चुके हैं और भी विमल के अधिकारियों के द्वारा किए गए कार्यालय निरीक्षण के दौरान कई बार अनुपस्थित भी पाया गया और सारी खामियां पाई गई,अधिकारियों द्वारा कई बार फटकार भी गया परंतु इसकी कार्यशैली यह साबित करती है कि भाजपा के मिशन 2024 के विरुद्ध खड्यंत्र सा प्रतीत होता है फिर भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित न होना इससे भी बड़ा आश्चर्य नहीं तो और क्या समझा जाए
जबकि इटावा की सीडीओ महोदय प्रणता ऐश्वर्या की बात ही क्या की जाए वह तो जनता की डंके की आवाज पर भी नहीं सुन पाती हैं यहां तक की मीडिया कर्मियों के सामने भी जनता के सुनने में वह प्रॉब्लम महसूस करती हैं इसके अलावा जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी लाल व सूचना जनसंपर्क अधिकारी नीलम यादव की बात ही निराली है जो शायद विपक्ष को पुनर्जीवित करने का गोपनीय मिशन चल रही हैं फिर भी मुख्यमंत्री द्वारा संज्ञान ना लिया जाना कितना शर्मनाक है भला.

मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के द्वारा किए गए किसान मजदूर हित में दावे उनके अधिकारियों के विरुद्ध क्यों पाए जाते हैं इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है क्योंकि प्रधानमंत्री एक और जहां किसानों मजदूरों की समृद्धि हेतु एड़ी से छोटी का जोर देकर गरीबों के चेहरे पर मुस्कान लाने की पहल करते हुए सरकार ने लगभग 830 योजनाएं संचालित कर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया किसान हित में मजदूर हित किंतु वही उत्तर प्रदेश के कुछ अधिकारियों के बयानात इतने अशोभनीय एवं निदनी स्थिति को जन्म देते हैं अर्थात यूं कह लिया जाए कि वह समस्त योजनाओं पर ताला मार कर बैठ जाते हैं कि प्रदेश में हम विकास कदापि नहीं होने देंगे जो मुख्यमंत्री योगी और प्रधानमंत्री मोदी का खुला विरोध दर्शाती है।
ऐसा प्रतीत होता है जैसा की उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद के किसान राजकुमार व रिशीनाथ ने जब निर्देशक उद्यान उत्तर प्रदेश श्री आर.के. सिंह से फोन पर बात की तो उन्होंने किसान को बताया कि किसान तो महाभारत काल से दुखी रहा है उसको भला कौन सुखी कर सकता है क्या यह टिप्पणी उद्यान निदेशक आरके सिंह की प्रधानमंत्री के दावे और दलीलों से मेल खाती है यदि ऐसा नहीं है तो क्या इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विचार नहीं करना चाहिए क्योंकि एक निर्देशक प्रधानमंत्री के दावे की किस तरह धज्जियां उड़ता है कहीं यह मिशन 2024 अगेन मोदी को असफल करने की साजिश तो नहीं है इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए मुख्यमंत्री महोदय को यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कट्टर भाजपाई है तो दूसरा उदाहरण जनपद बहराइच के उप कृषि निदेशक महोदय ने तो अपने बयान में कुछ इस तरह कसीदे गढ़े किसान राजकुमार ऋषि नाथ और तरुण तिवारी ने जब कृषि उपनिदेशक बहराइच टीपी शाही जी से निवेदन किया कि आप हमारे गांव में कृषि योजनाओं की जानकारी हेतु उद्यान विभाग व कृषि विभाग तथा पशुपालन विभाग के अधिकारियों से हम ग्रामीण किसानों को कुछ जानकारी दिलवाने हेतु गोष्टी का आयोजन करवा दीजिए गांव में कृषि गोष्ठी के तहत तो उपनिदेशक महोदय ने उन किसानों को कुछ यूं समझाया की बड़े स्मार्ट किसान वन रहे हो क्या. अधिकारियों को बुलाकर पापुलैरिटी हासिल करना चाहते हो गोष्ठी में पैसा नहीं लगता है क्या जैसे बयानों की धमकी दी इन गरीब किसानों को मजदूरों को जो प्रधानमंत्री के मन की बात सुनकर रोजगार और खेती को सरकारी योजनाओं से जोड़कर उद्यम करना चाहते थे अपनी आय दुगनी करना चाहते थे । लेकिन उनके हौसले पस्त हो गए कृषि उपनिदेशक बहराइच के बयान की धमकी सुनकर तो क्या यह बात कृषि उपनिदेशक महोदय की प्रधानमंत्री के किसानों के हित में किए गए दावे मुख्यमंत्री के किए गए दावे से मेल खाती है क्या किंचित मात्र भी और यदि नहीं तो क्यों क्या प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री झूठ बोलते हैं अथवा कृषि उपनिर्देशक बहाराइच महोदय जनता के साथ ग़लत कर रहे हैं जनता को सरकार द्वारा चलाई गई समस्त योजनाओं का लाभ क्यों नहीं दिलवाते हैं किसानों और मजदूरों को भ्रमती किया जाता है
इस पर उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ को इन अधिकारियों को सबक सिखाना चाहिए और ऐसे कृत्यों पर रोक लगाना चाहिए ।
आगामी लोकसभा चुनाव की चुनौती न बनने पाए प्रदेश के कुछ निकृष्ट और भ्रष्ट अधिकारियों पर उनकी तरफ भला ध्यान क्यों नहीं जाता है मुख्यमंत्री महोदय का कहीं ऐसा तो नहीं है की पर्दे पर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री महोदय का रोल कुछ और होता हो पीछे ही निदेशकों का रोल की जिम्मेदारी कुछ और दी जाती हो जनता इस विषय पर भी विचार करने को मजबूर होने लगी है इसलिए समय रहते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गंभीरता से इस तरह के अधिकारियों के बारे में विचार करने की सख्त सख्त कदम उठाकर एक निर्भीक एवं निष्ठावान कर्तव्य परायण नेतृत्व करता का परिचय देना होगा


