पूणे

बेंगलुरु में जीई एयरोस्पेस फाउंडेशन का बड़ा कदम, नेक्स्ट इंजीनियर्स प्रोग्राम का विस्तार

बेंगलुरु में जीई एयरोस्पेस फाउंडेशन का बड़ा कदम, नेक्स्ट इंजीनियर्स प्रोग्राम का विस्तार

 

पुणे  : जीई एयरोस्पेस फाउंडेशन ने बेंगलुरु में अपने ‘नेक्स्ट इंजीनियर्स कॉलेज रेडिनेस प्रोग्राम’ के विस्तार की घोषणा की है। यह पहल उन युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से है जो इंजीनियरिंग में करियर बनाना चाहते हैं। इस कार्यक्रम के विस्तार से भारत में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक मजबूत आधार तैयार करने में मदद मिलेगी, जिससे अधिक से अधिक छात्र इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

 

इस घोषणा के तहत जीई एयरोस्पेस फाउंडेशन और बेंगलुरु स्थित उनकी टीम वर्ष 2025 के अंत तक एक शैक्षणिक भागीदार की पहचान करेंगे, जो इस कार्यक्रम को और प्रभावी बनाएगा। इससे छात्रों को न केवल इंजीनियरिंग की दुनिया से जुड़ने का अवसर मिलेगा, बल्कि उन्हें इसके लिए आवश्यक कौशल और मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।

 

जीई एयरोस्पेस इंडिया टेक्नोलॉजी सेंटर के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर आलोक नंदा ने कहा, “भारत में जीई एयरोस्पेस पिछले 25 वर्षों से शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है और नई तकनीकों के विकास में योगदान दे रहा है। नेक्‍स्‍ट इंजीनियर्स प्रोग्राम का विस्तार इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जो उन छात्रों की भागीदारी बढ़ाएगा जो इंजीनियरिंग को अपने करियर के रूप में चुनना चाहते हैं।”

 

बेंगलुरु को इस कार्यक्रम के लिए चुने जाने के पीछे कई कारण हैं। यहां जीई एयरोस्पेस के कर्मचारियों की मजबूत उपस्थिति, उत्पादन और इंजीनियरिंग में इसकी विशेषज्ञता तथा छात्रों की सक्रिय भागीदारी की संभावना को ध्यान में रखते हुए इसे उपयुक्त माना गया है। भारत में जीई एयरोस्पेस अपनी कंपनी के इंजन और उत्पादों के संपूर्ण जीवनचक्र को सहयोग देता है और इसके साथ ही एसटीईएम शिक्षा (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) को बढ़ावा देने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

 

जीई एयरोस्पेस फाउंडेशन की प्रेसिडेंट मेघन थर्लो ने कहा कि बेंगलुरु में ‘नेक्स्ट इंजीनियर्स’ प्रोग्राम की घोषणा करना गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि अब तक इस पहल के तहत दुनिया भर के करीब 22,000 छात्रों को इंजीनियरिंग की ताकत और संभावनाओं का अनुभव मिल चुका है। साथ ही, इस प्रोग्राम को आगे बढ़ाने में जीई एयरोस्पेस के स्वयंसेवकों की भूमिका भी अहम रही है। अब इस कार्यक्रम को भारत में लाने से और अधिक छात्रों तक इसकी पहुँच बन सकेगी।

 

वर्ष 2024 में जीई एयरोस्पेस फाउंडेशन ने इस कार्यक्रम के विस्तार के लिए 2030 तक 20 मिलियन डॉलर (करीब 166 करोड़ रुपये) के निवेश का संकल्प लिया था। यह निवेश माध्यमिक विद्यालयों से लेकर कॉलेज तक के छात्रों के लिए संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगा, जिससे वे इंजीनियरिंग में अपना करियर बना सकें। वर्तमान में यह कार्यक्रम अमेरिका के सिनसिनाटी (ओहियो) और ग्रीनविले (साउथ कैरोलिना), दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग, यूनाइटेड किंगडम के स्टैफोर्डशायर और पोलैंड के वारसॉ में संचालित हो रहा है। इसके विस्तार से यह साबित होता है कि जीई एयरोस्पेस दुनियाभर के समुदायों में अपनी पहुँच और प्रभाव को लगातार बढ़ा रहा है।

 

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