
परिवार और समाज को संस्कारों से जोड़ें, तभी सनातन संस्कृति आगे बढ़ेगी : महामंडलेश्वर माध्वाचार्य महाराज
गुफा मंदिर में संत समागम : विभिन्न प्रांतों से पधारे संतों का महिलाओं ने किया सम्मान
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:भोपाल मध्यप्रदेश
भोपाल। राजधानी स्थित गुफा मंदिर परिसर में आयोजित भव्य संत समागम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे संत-महात्माओं का श्रद्धा एवं सम्मान के साथ अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने संतों को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा सनातन संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक मूल्यों के संवर्धन का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुंबई से पधारे महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 माध्वाचार्य जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बालक की प्रथम गुरु उसकी मां होती है और वर्तमान समय में समाज को पुनः संस्कारों से जोड़ने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी महिलाओं की है।
महामंडलेश्वर ने कहा कि आज समाज में बढ़ती संस्कारहीनता और सामाजिक विकृतियों को दूर करने के लिए प्रत्येक महिला को धर्म, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के संरक्षण का दायित्व निभाना होगा। जब परिवार और समाज संस्कारों से जुड़ेंगे तभी सनातन संस्कृति की ध्वजा निरंतर आगे बढ़ेगी और सामाजिक बुराइयों का अंत संभव हो सकेगा।
कार्यक्रम का वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। श्रद्धालुओं ने संतों के प्रवचनों का श्रवण कर धर्म एवं संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। संत समागम में राखी परमार (खाटू श्याम परिवार), आरती सिंह (क्षत्रिय अखाड़ा), पूनम कुलकर्णी (महाराष्ट्रीय सभा), पूर्णिमा चतुर्वेदी, डोली तिवारी, नीरज सिंह, पुष्पा आचार्य, छाया राठौर, गीता अग्रवाल सहित अनेक महिलाओं ने सहभागिता कर संतों के दर्शन लाभ प्राप्त किए।


