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एमआईटी डब्ल्यूपीयू की अनोखी पहल स्टार्टअप्स के लिए ई-मोबिलिटी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस सेंटर माइलस्टोन

एमआईटी डब्ल्यूपीयू की अनोखी पहल स्टार्टअप्स के लिए ई-मोबिलिटी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस सेंटर माइलस्टोन

 

इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री, फैकल्टी और स्टूडेंट्स की ट्रेनिंग के लिए सफल पहल

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान:पुणे महाराष्ट्र

पुणे, : इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के अध्ययन के लिए एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी में बनाया गया सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और उससे जुड़ी टेक्नोलॉजी के फील्ड को बेहतर बनाने के लिए रिसर्च, डेवलपमेंट और स्किल डेवलपमेंट पर ज़्यादा फोकस कर रहा है. साथ ही, 3 सफल स्टार्टअप और 45 अलग-अलग स्टार्टअप टीबीआई सेंटर पर काम कर रहे हैं. यह सेंटर उन लोगों को हर मुमकिन मदद देगा जो अपना स्टार्टअप सफलतापूर्वक शुरू करना चाहते हैं. यह जानकारी मायर्स एमआईटी के फाउंडर और सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के डायरेक्टर प्रोफेसर प्रकाश जोशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी.

 

इस मौके पर एमआईटी टीबीआई के सीइओ प्रसाद गोरे, ईएंडटीसी डिपार्टमेंट के हेड प्रो. डॉ. पारुल जाधव और एसोसिएट प्रो. डॉ. साकेत येवलेकर मौजूद थे.

 

इस सेंटर को एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट द्वारा चलाया जा रहा है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य एकेडमिक ज्ञान और तेज़ी से विकसित हो रही इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री के बीच की खाई को पाटना है. प्रो. जोशी ने कहा कि इसका उद्देश्य इंडस्ट्री और एकेडमिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना और ईवी टेक्नोलॉजी के बारे में जागरूकता बढ़ाना भी है.

 

डॉ. पारुल जाधव ने कहा कि सेंटर ईवी सेक्टर में प्रोजेक्ट डेवलपमेंट, कोलेबोरेटिव रिसर्च, करियर काउंसलिंग, स्टूडेंट्स और प्रोफेसर्स की ट्रेनिंग, इंडस्ट्रीज़ के साथ कंसल्टेशन, स्टार्टअप सपोर्ट और रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर खास काम कर रहा है. नए ज़माने में आईसी इंजन के साथ-साथ इलेक्ट्रिक कारें भी तेज़ी से बढ़ रही हैं. भविष्य में इलेक्ट्रिक कारों में हाइब्रिड गाड़ियां, इलेक्ट्रिक कारें और हाइड्रोजन कारें जैसे कई ऑप्शन मिलेंगे. जल्द ही यह सेक्टर काफी ऊंचाई पर पहुंचेगा. एमआईटी डब्ल्यूपीयू में ई-मोबिलिटी सेंटर फॉर एक्सीलेंस इस सभी इंडस्ट्री की मदद कर रहा है.

 

प्रसाद गोरे ने कहा कि इस एमआईटी टीबीआईं सेंटर के ज़रिए करीब 75 स्टार्टअप्स को सपोर्ट किया गया है. साथ ही, एजुकेशन, एग्रीकल्चर, स्पेस, आईटी के फील्ड में स्टार्टअप्स शुरू करने में मदद दी जाएगी. जो लोग एंटरप्रेन्योर बनना चाहते हैं, उन्हें बढ़ावा दिया जाएगा. यहां लैब टेस्टिंग और एक्सपर्ट कंसल्टेंट्स मौजूद हैं.

 

डॉ. साकेत येवलेकर ने कहा, इंडस्ट्री की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देकर, स्टूडेंट्स और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स को ट्रेनिंग सेशन, वर्कशॉप, इंटर्नशिप, सेमिनार और एक्सपर्ट लेक्चर जैसे खास प्रोग्राम्स के ज़रिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में इनोवेटिव और अप-टू-डेट नॉलेज और स्किल्स दी जा रही हैं.

 

इस सेंटर के ज़रिए, स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स को एक इनोवेटिव सिस्टम खोजने, डिज़ाइन करने और डेवलप करने के लिए बढ़ावा दिया जाता है. इलेक्ट्रिक मोबिलिटी न सिर्फ ट्रांसपोर्टेशन की फ्यूचर डायरेक्शन है बल्कि आज की ज़रूरत भी है.

 

 

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