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सुजलॉन को सबसे बड़े सीएंडआई ऑर्डर के तहत जिंदल रिन्यूएबल्स से मिला 204.75 मेगावाट का अतिरिक्त आर्डर

सुजलॉन को सबसे बड़े सीएंडआई ऑर्डर के तहत जिंदल रिन्यूएबल्स से मिला 204.75 मेगावाट का अतिरिक्त आर्डर

 

उद्योग की दोनों अग्रणी कंपनियां अब 907.20 मेगावाट के कुल ऑर्डर के साथ भारत की कमतर कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के साथ उत्पादित इस्पात क्रांति को गति दे रही हैं

 

 

राष्ट्रीय: सुजलॉन ने जिंदल रिन्यूएबल्स की सहायक कंपनी जिंदल ग्रीन विंड 1 प्राइवेट लिमिटेड से 204.75 मेगावाट का तीसरा ऑर्डर हासिल किया है, जिससे भारत में कम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के साथ उत्पादित इस्पात (स्टील) क्रांति को और गति मिलेगी। यह सुजलॉन का सबसे बड़ा वाणिज्यिक एवं औद्योगिक (सीएंडआई) ऑर्डर भी है, जिसकी कुल क्षमता 907.20 मेगावाट है। इससे पहले सुजलॉन को छत्तीसगढ़ और ओड़िशा में जिंदल स्टील के संयंत्रों के लिए 702.45 मेगावाट पवन ऊर्जा की आपूर्ति के लिए दो ऑर्डर मिले थे। । सुजलॉन के ऑर्डर बुक में फिलहाल 59% हिस्सेदारी सीएंडआई ग्राहकों की है। कुल आर्डर बुक अब रिकॉर्ड 5.9 गीगा वाट के स्तर पर पहुंच गया है, जो कंपनी के इतिहास में अब तक का उच्चतम स्तर है।

 

सुजलॉन इस नए ऑर्डर के तहत 65 अत्याधुनिक एस144 विंड टर्बाइन जनरेटर (डब्ल्यूटीजी) हाइब्रिड लैटिस टावर्स (एचएलटी) के साथ आपूर्ति करेगी, जिनमें से हरेक की क्षमता 3.15 मेगावाट है।

 

उत्पादित ऊर्जा का उपयोग छत्तीसगढ़ और ओड़िशा में स्थित इस्पात संयंत्रों में निजी खपत के लिए किया जाएगा, जिससे उनकी परिचालन वहनीयता बढ़ेगी और भारत के हरित ऊर्जा संक्रमण में योगदान मिलेगा।

 

सुजलॉन समूह के उपाध्यक्ष, गिरीश तांती ने कहा, “हमें जिंदल रिन्यूएबल्स जैसे दूरदर्शी संगठनों के साथ अपनी मज़बूत साझेदारी के ज़रिये भारत के इस्पात डीकार्बनाइज़ेशन को आगे बढ़ाने पर गर्व है। हम कर्नाटक में अपनी शुरुआती सफलताओं के आधार पर अब तमिलनाडु में कमतर कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के साथ उत्पादित इस्पात की क्रांति का विस्तार कर रहे हैं, जो पवन ऊर्जा क्षेत्र में अग्रणी है। साथ मिलकर, हम भारत में वहनीय औद्योगिक विकास के भविष्य को नई दिशा दे कर रहे हैं।”

 

जिंदल रिन्यूएबल्स के अध्यक्ष, भारत सक्सेना ने कहा, “जिंदल रिन्यूएबल्स में, हम भारत के इस्पात उद्योग में डीकार्बनाइज़ेशन आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सुजलॉन के साथ यह तीसरा ऑर्डर वहनीय प्रथाओं के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और सबसे बड़ा डीकार्बनाइज़ेशन समाधान प्रदाता बनने के हमारे दृष्टिकोण का प्रतीक है।”

 

सुजलॉन समूह के मुख्य कार्यकारी, जेपी चलसानी ने कहा, ” सुजलॉन नवीकरणीय ऊर्जा में दशकों की विशेषज्ञता के साथ, इस्पात और भारी उद्योगों में डीकार्बनाइज़ेशन को आगे बढ़ाने की विशिष्ट क्षमता है जहां पारंपरिक रूप से यह मुश्किल रहा है। औद्योगिक विकास में तेज़ी के बीच वहनीय ऊर्जा समाधानों की बेहद ज़रूरत है। सुजलॉन नवोन्मेषी पवन ऊर्जा समाधान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है जो उद्योगों को दीर्घकालिक अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कार्बन पदचिह्न को कम करने में मदद करते हैं।”

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