पूणे

स्पाइस मनी ने मार्च 2025 में ग्राहक जीटीवी ₹11,485 करोड़ पार किया, कायम की विकास की एक नई मिसाल

स्पाइस मनी ने मार्च 2025 में ग्राहक जीटीवी ₹11,485 करोड़ पार किया, कायम की विकास की एक नई मिसाल

 

ग्राहक जीटीवी मार्च 2025 में ₹11,485 करोड़ तक पहुंचा, जो अक्टूबर 2024 में दर्ज ₹11,387 करोड़ के पिछले रिकॉर्ड को पार कर गया।

 

पुणे  – भारत की अग्रणी ग्रामीण फिनटेक कंपनी और सबसे बड़े गैर-बैंक बिज़नेस करेस्पॉन्डेंट (BC) नेटवर्क स्पाइस मनी (DiGiSPICE Technologies की सहायक कंपनी) ने मार्च 2025 में कई सेवाओं में अब तक की सबसे ऊंची विकास दर दर्ज की। यह प्रदर्शन कंपनी की इस क्षेत्र में मजबूत स्थिति को दर्शाता है और भारत के दूरदराज के क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के इसके मिशन को और मजबूत करता है

कंपनी ने मार्च में रिकॉर्ड तोड़ ₹11,485 करोड़ का ग्राहक सकल लेनदेन मूल्य (Customer GTV) दर्ज किया, जो अक्टूबर 2024 के पिछले ₹11,387 करोड़ के उच्चतम आंकड़े को पार कर गया। यह उछाल मुख्य रूप से आधार-सक्षम भुगतान प्रणाली (AePS) के जरिये किए गए लेनदेन में असाधारण वृद्धि के कारण आया, जो ₹5,306 करोड़ तक पहुंच गया। इसके साथ ही स्पाइस मनी का AePS मार्केट शेयर 18.3% तक बढ़ गया, जिससे इस समावेशी बैंकिंग क्षेत्र में इसकी अग्रणी भूमिका और मजबूत हो गई।

AePS उपयोग में यह जबरदस्त वृद्धि सबसे अधिक सब्सक्रिप्शन पैक बिक्री द्वारा और मजबूत हुई, जहां अब तक 70,000 से अधिक पैक बेचे जा चुके हैं। इससे यह साफ है कि “आधिकारियों” (Spice Money के स्थानीय प्रतिनिधि) के बीच सेवाओं की मांग बढ़ रही है, और ये सेवाएं ग्रामीण ग्राहकों के रोज़मर्रा के वित्तीय जीवन का हिस्सा बनती जा रही हैं। इन पैक्स की बिक्री से प्लेटफ़ॉर्म की लेनदेन मात्रा में सीधे तौर पर बढ़ोतरी हुई, जिससे पूरे इकोसिस्टम में एक मजबूत नेटवर्क इफ़ेक्ट बना और ग्रामीण बैंकिंग में भरोसा, सुविधा और अपनापन स्थापित हुआ।

कंपनी की कैश मैनेजमेंट सर्विसेज (CMS) ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए मात्र 1 महीने में ₹2,000 करोड़ से दोगुना होकर ₹4,000 करोड़ तक की छलांग लगाई। यह इंगित करता है कि अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में सुरक्षित व कुशल नकद प्रबंधन के लिए स्पाइस मनी के सिस्टम को तेजी से अपनाया जा रहा है।

इस बढ़ते परिचालन विस्तार के केंद्र में हैं 15 लाख से अधिक अधिकारि/व्यापारी, जो अंतिम छोर तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ये स्थानीय प्रतिनिधि ग्रामीण समुदायों के विश्वास का प्रतीक बन चुके हैं।

स्पाइस मनी के संस्थापक और सीईओ दिलीप मोदी ने इस शानदार उपलब्धि पर कहा:“यह सिर्फ एक व्यावसायिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत की बढ़ती वित्तीय आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास और ‘विकसित भारत’की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। चूंकि हाल के दिनों में गैर-बैंक बीसी मॉडल के आसपास नियामक ढांचे में काफी बदलाव हुए हैं, इसलिए हमारा प्रदर्शन डिजिटल रूप से समावेशी, वित्तीय रूप से सशक्त भारत के निर्माण में हमारी महत्वपूर्ण भूमिका को पुष्ट करता है। स्पाइस मनी में, हम सिर्फ़ वित्तीय उत्पाद ही नहीं बना रहे हैं, बल्कि हम भविष्य के लिए तैयार ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नींव रख रहे हैं। देश के कोने-कोने में भरोसेमंद अधिकारियों को सशक्त बनाकर हम भारत की पूर्ण क्षमता को उजागर करने में मदद कर रहे हैं, जो 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आर्थिक परिवर्तन को गति देगा।”

गैर-बैंक BC इकोसिस्टम के नियमन को लेकर चर्चा जोरों पर है, ऐसे समय में स्पाइस मनी की ये उपलब्धियाँ समावेशी और इंटरऑपरेबल वित्तीय नेटवर्क के प्रभाव को दर्शाने वाला एक सशक्त उदाहरण बनती हैं। हर एक लेनदेन के साथ, कंपनी वित्तीय खाई को दूर करने का निरंतर प्रयास कर रही है, बैंकिंग सेवाओं को भारत के वंचित क्षेत्रों तक पहुंचा रही है, और उन्हें सच्चे अर्थों में आर्थिक भागीदारी में सक्षम बना रही है।

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