Replus ने की अत्याधुनिक तकनीक के साथ 6GWh बैटरी निर्माण संयंत्र की क्षमता बढ़ाने की घोषणा
Pune LNJ BHILWARA GROUP का हिस्सा और बैटरी निर्माण में अग्रणी कंपनी REPLUS ने इस साल अपनी मौजूदा 1GWh उत्पादन सुविधा की क्षमता को 6GWh तक बढ़ाने की अपनी योजना का खुलासा किया है। इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और ऊर्जा भंडारण प्रणाली (ESS) के क्षेत्र में बढ़ती बाजार मांग को देखते हुए कंपनी इस बड़े बदलाव में नेक्स्ट जेन बैटरी तकनीक को शामिल करेगी।
इस अपग्रेडेड REPLUS प्लांट को इस प्रकार नियोजित किया जाएगा:
हाई स्पीड ऑटोमेशन निर्माण प्रक्रिया: ऑटोमेशन, एआई और डेटा-संचालित विनिर्माण का फायदा उठाते हए रियलटाइम मॉनीटरिंग, मशीन विजन, रोबोटिक सिस्टम, ऑटोमेटेड सामग्री हैंडलिंग और लेजर वेल्डिंग को एक साथ जोड़ा जाएगा, जिससे दक्षता बढ़ेगी, उत्पादन में तेजी आएगी और कार्बन उत्सर्जन को कम करके पर्यावरण में योगदान दिया जाएगा।
एडवांस्ड सेल कैमेस्ट्री को अपनाना: बाजार की उभरती जरूरतों को पूरा करने के लिए, संयंत्र हाई एनर्जी डेंसिटी सेल, ब्लेड सेल, फ्यूचर सेल कैमेस्ट्री सेल्स, जिनमें Na-ion, LMFP, LTO, आदि शामिल हैं, को संभालने की क्षमता के साथ सेल कैमेस्टी व प्रौद्योगिकी को आगे रखने का दृष्टिकोण अपनाएगा।
नेक्स्ट जेन प्रोडक्ट: संयंत्र में तैयार होने वाले उत्पाद विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों की जरूरतों को पूरा करेंगे, जिनमें EV यात्री वाहन, EV बसें, EV ट्रक और उन्नत बैटरी पैक और लिक्विड कूल्ड BESS कंटेनर समाधान के साथ ग्रिड स्केल नवीकरणीय संयंत्र शामिल हैं।
इस मौके पर LNJ Bhilwara Group समूह के उपाध्यक्ष श्री रिजु झुनझुनवाला ने कहा, “LNJ Bhilwara Group में, हम हमेशा अपने विविध व्यावसायिक उपक्रमों में स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाने में सबसे आगे रहे हैं। Replus प्लांट का 6GWh तक विस्तार भारत के सतत विकास और ऊर्जा परिवर्तन को आगे बढ़ाने की हमारी प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।”
Replus के प्रबंध निदेशक और सीईओ श्री हिरेन प्रवीण शाह ने कहा, “इस विस्तार के साथ, Replus वैश्विक स्तर पर ऊर्जा भंडारण के भविष्य को आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उच्च गति स्वचालन और नेक्स्ट जेन बैटरी तकनीकियों को एकीकृत करके, हम EV और ESS अनुप्रयोगों के लिए उद्योग-अग्रणी उत्पाद देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
Replus ने अपनी बैटरी विनिर्माण क्षमता बढ़ाकर भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा और भारत में स्थानीय विनिर्माण को
मजबूत करेगा।



