
कृषि क्षेत्र में स्थानीय किसानों से संवाद और प्रोत्साहन
नवाचारों और योजनाओं से बदल रही कृषि की तस्वीर
उप मुख्यमंत्री के द्वारा किसान कल्याण संवाद एवं युवा किसान सम्मान यात्रा का उद्घाटन मां सीता की प्राकट्य स्थल पुनौरा धाम से किया गया। किसान कल्याण संवाद यात्रा एवं युवा किसान सम्मान यात्रा राज्य के किसानों को एक नई दिशा देने का प्रयास।
सीतामढ़ी विशाल समाचार संवाददाता: माननीय उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा सीतामढ़ी जिले के पुनौरा धाम में आयोजित किसान कल्याण संवाद कार्यक्रम में किसानों के साथ संवाद किया गया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी वर्तमान स्थिति और कृषि कार्यों में आने वाली चुनौतियों की जानकारी ली। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सीतामढ़ी के सांसद श्री देवेश चंद्र ठाकुर, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री श्री मोतीलाल प्रसाद तथा विधानसभा के माननीय सदस्यगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल ने की।
माननीय उप मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान कल्याण यात्रा की शुरुआत पुनौरा धाम से करना इस कारण उपयुक्त है क्योंकि यह वही स्थान है जहाँ आदि-कृषक विदेहराज जनक ने हल चलाकर कृषि परंपरा की नींव रखी थी और जहाँ से माँ सीता का प्रादुर्भाव हुआ था।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न किसानों से संवाद किया। राम लाल महतो स्ट्रॉबेरी और सब्जी की खेती करते हैं, पुष्प कुमारी और ममता कुमारी मशरूम उत्पादन में संलग्न हैं, नन्दलाल महतो फूलों की खेती कर रहे हैं जबकि राम शंकर शाह कस्टम हायरिंग सेंटर चला रहे हैं। संवाद के दौरान किसानों की समस्याओं और नवाचारों को समझते हुए उन्होंने किसानों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
माननीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए सतत प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि भारत की लगभग 46 प्रतिशत आबादी और बिहार की 88 प्रतिशत ग्रामीण जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। फसल विविधीकरण से उत्पादन, उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ेगी तथा किसान सशक्त बनेंगे। ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना’ के तहत 100 आकांक्षी जिलों में सतत कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे लगभग 1.70 करोड़ किसानों को लाभ होगा। बिहार को विशेष लाभ देते हुए केंद्र सरकार ने ‘मखाना बोर्ड’ का गठन किया है, जिससे मिथिला क्षेत्र के एक करोड़ से अधिक किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
श्री सिन्हा ने कहा कि बजट 2024-25 में 32 फसलों और बागवानी कृषि से संबंधित 109 उच्च उत्पादकता व जलवायु अनुकूल किस्मों को रिलीज किया गया है। फूलों की खेती को 100 प्रतिशत निर्यात नीति के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है। जैविक खेती के लिए कॉरिडोर आधारित परियोजना राज्य के 13 जिलों में लागू की गई है, जिससे टिकाऊ खेती, मिट्टी की गुणवत्ता सुधार और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। बिहार देश का 85 प्रतिशत और विश्व का 60 प्रतिशत मखाना उत्पादन करता है। मखाना बोर्ड से 50 हजार किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। यह बोर्ड वैश्विक बाजार में मखाना की पहुँच को सुलभ बनाएगा।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनके उत्पादों के लिए शीघ्र ही उपयुक्त बाजार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें उचित मूल्य मिल सके।
सचिव कृषि ने पोषक अनाज की खेती को बढ़ावा देने, खस जैसी सुगंधित फसलों की खेती और फूलों की वाणिज्यिक खेती के लिए किसानों को प्रेरित किया तथा नवाचार अपनाने पर विशेष बल दिया।
इस अवसर पर विशेष सचिव डॉ॰ वीरेन्द्र प्रसाद यादव, कृषि निदेशक श्री नितिन कुमार सिंह, उद्यान निदेशक श्री अभिषेक कुमार, संयुक्त सचिव श्री मनोज कुमार, निदेशक बसोका श्री सनत कुमार जयपुरियार एवं अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।



