रीवा

मार्च माह और 50 दिन से अधिक की शिकायतें 20 अप्रैल तक निराकृत करें – कलेक्टर

मार्च माह और 50 दिन से अधिक की शिकायतें 20 अप्रैल तक निराकृत करें – कलेक्टर

समाधान आनलाइन के आवेदनों का दो दिवस में निराकरण करें – कलेक्टर

रीवा  विशाल समाचार. कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी सीएम हेल्पलाइन में मार्च माह में दर्ज आवेदन तथा 50 दिन से अधिक समय से लंबित आवेदन 20 अप्रैल तक निराकृत करें। अधिकारी स्वयं प्रकरणों का अध्ययन कर उनमें तथ्यपरक प्रतिवेदन दर्ज कराएं। कोई भी आवेदन यदि बिना अटेण्ड किए लेबल-2 में गया तो लेबल-1 अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। एसडीएम सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण की विभागवार समीक्षा कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। समाधान ऑनलाइन के एजेण्डा बिन्दुओं में लंबित सभी सीएम हेल्पलाइन प्रकरण दो दिवस में अनिवार्य रूप से निराकृत करें। तहसीलदार राजस्व विभाग के सीमांकन, बंटवारा, नक्शा तरमीम तथा खसरे में सुधार के सीएम हेल्पलाइन प्रकरण सात दिवस में निराकृत करें। प्रकरणों के संबंध में पटवारियों से प्रतिवेदन प्राप्त करके उनका निराकरण कराएं। प्राकृतिक आपदा के लंबित प्रकरण तीन दिवस में निराकृत करें। प्राकृतिक आपदा में राहत राशि से संबंधित प्रकरण 30 दिन में निराकृत न होने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

कलेक्टर ने कहा कि पीएचई विभाग, ऊर्जा विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, खाद्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, ट्राईबल विभाग तथा नगरीय निकायों में बड़ी संख्या में आवेदन पत्र लंबित हैं। इनका तत्परता से निराकरण कराएं। कार्यपालन यंत्री पीएचई हैण्डपंप तथा नलजल योजना की सभी शिकायतें तीन दिवस में निराकृत करें। अधीक्षण यंत्री ऊर्जा बिजली की आपूर्ति और बिजली बिलों से संबंधित प्रकरण सात दिवस में निराकृत करें। सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। कार्यपालन यंत्री पीडब्लयूडी सहायक संचालक पिछड़ावर्ग तथा अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा भी सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दें।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि गेंहू उपार्जन के लिए सभी खरीदी केन्द्रों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। गेंहू उपार्जन के लिए अब तक 2500 से अधिक किसानों ने स्लॉट बुक किए हैं। सभी खरीदी केन्द्रों में गेंहू का उपार्जन शुरू कराएं। एसडीएम तथा तहसीलदार खरीदी केन्द्रों का नियमित रूप से निरीक्षण करें। जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम खाद्य सुरक्षा योजना के आवंटित खाद्यान्न का सात दिवस में शत-प्रतिशत उठाव करके उचित मूल्य दुकानों में भण्डारण कराएं। खाद्य सुरक्षा योजना के हितग्राहियों की 30 अप्रैल तक शत-प्रतिशत ई केवाईसी सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि ई आफिस व्यवस्था में जो विभाग ऑनबोर्ड हो गए हैं वे ऑनलाइन माध्यमों से फाइलें प्रस्तुत करें । जो विभाग अभी भी ई ऑफिस व्यवस्था लागू नहीं कर पाए हैं वे सात दिवस में अनिवार्य रूप से ऑनबोर्ड हो जाएं। अप्रैल माह के बाद सभी फाइलें केवल ई आफिस पोर्टल के माध्यम से ही संचालित होंगी। कलेक्ट्रेट के प्रभारी अधिकारी विभागों तथा कार्यालयों को भेजे जाने वाले सभी पत्रों को भी ई ऑफिस से भेजने की व्यवस्था करें। नरवाई जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। उप संचालक कृषि सेटेलाइट से प्राप्त सूचना के आधार पर नरवाई जलाने की रिपोर्ट प्रतिदिन प्रस्तुत करें। एसडीएम और तहसीलदार नरवाई जलाने वाले किसानों पर निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार जुर्माने की कार्यवाही करें। कार्यपालन यंत्री पीएचई खराब हैण्डपंपों के सुधार का अभियान चलाएं। हैण्डपंपों के सुधार के लिए प्रत्येक विकासखण्ड में कंट्रोल रूम बनाकर उसमें आवश्यक उपकरणों के साथ टीम तैनात करें। जहाँ आवश्यक हो वहाँ तत्काल सिंगल फेज मोटर लगाकर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करें। जिला शिक्षा अधिकारी तथा जिला समन्वयक शिक्षा केन्द्र विद्यार्थियों के शाला में शत-प्रतिशत प्रवेश तथा किताबों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करें। बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की भी विकासखण्डवार समीक्षा की गई। बैठक में आयुक्त नगर निगम डॉ सौरभ सोनवड़े, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर, सभी एसडीएम, संयुक्त कलेक्टर, जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मुख्य नगरपालिका अधिकारी तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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