
सिविल इंजीनियर ने बर्मी कम्पोस्ट को बनाया अपनी आय का साधन
बर्मी बेड में केचुआ खाद बनाकर कर रहे हैं लाखों की कमाई
रीवा विशाल समाचार. अरूण पटेल वैसे तो सिविल इंजीनियर हैं मगर उन्होंने अपनी आय के साधन के लिये कृषि के क्षेत्र का चुनाव किया और बर्मी कम्पोस्ट बनाकर लाखों की कमाई कर रहे हैं। जिले के त्योंथर जनपद अन्तर्गत घूमा (लाद) निवासी अरूण ने सिविल इंजीनियरिंग करने के बाद पारिवारिक आवश्यकता के अनुसार नौकरी न मिलने पर खेती को अपना व्यवसाय चुना। उन्होंने कृषकों से संपर्क किया तो यह पता चला कि त्योंथर विकासखण्ड में कहीं भी बर्मी यूनिट स्थापित नहीं है। उन्होंने बर्मी यूनिट की स्थापना के लिये कृषि विज्ञान केन्द्र रीवा व आत्मा परियोजना त्योंथर से जानकारी ली और अपने अनउपजाऊ जमीन में 40 किलो बर्मी खरीद कर चार बर्मी बेड में केचुआ खाद बनाने का काम प्रारंभ किया। उन्होंने केचुआ खाद का उपयोग स्वयं अपनी जमीन में धान, गेंहू, फसलों के साथ-साथ हल्दी, मूंगफली, मिर्च, टमाटर की खेती में किया जिसके सकारात्मक परिणाम आये।
अरूण पटेल बताते हैं कि केचुआ खाद निर्माण के लिये अब मेरे पास 40 बर्मी बेड हैं जिनसे उत्पादित खाद जिले के साथ-साथ अन्य जिलों में भी भेजी जा रही हैं जिससे मुझे अच्छी आय हो रही है। इस खाद का उपयोग स्वास्थ्य के लिये लाभदायक है साथ ही किसान अपनी अनउपजाऊ भूमि में बर्मी कम्पोस्ट बनाकर अच्छी आय भी बढ़ा सकते हैं। वह बताते हैं कि मुझे साढ़े तीन लाख रूपये से अधिक का शुद्ध मुनाफा हुआ है। अरूण का कार्य के प्रति तन्मयता चुनौतियों से निपटने का सकारात्मक सोच प्रेरणादायी है।