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महाराष्ट्र सरकार और काइनेटिक ग्रीन ने मिलकर शुरू की ‘पिंक ई-रिक्शा’ पहल, 10,000 महिलाओं को मिलेगा लाभ

महाराष्ट्र सरकार और काइनेटिक ग्रीन ने मिलकर शुरू की ‘पिंक ई-रिक्शा’ पहल, 10,000 महिलाओं को मिलेगा लाभ

 

पुणे: महिला सशक्तिकरण और टिकाऊ परिवहन की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, महाराष्ट्र सरकार ने ‘पिंक ई-रिक्शा’ योजना का शुभारंभ किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस पहल के तहत, राज्य के आठ जिलों—पुणे, नासिक, नागपुर, अहमदनगर, सोलापुर, कोल्हापुर, अमरावती और छत्रपति संभाजीनगर-में 10,000 पर्यावरण-अनुकूल काइनेटिक ग्रीन इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर रिक्शाओं का वितरण किया जाएगा।

 

पुणे में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री अजीत पवार, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अदिति तटकरे, काइनेटिक ग्रीन के सह-संस्थापक एवं ईडी श्री रितेश मंत्री, विधान परिषद की उपसभापती नीलम गोऱ्हे और राज्य महिला आयोग अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने महिला लाभार्थियों को ई-रिक्शा की पहली बैच सौंपी।

 

इस योजना के तहत, महाराष्ट्र सरकार हर ई-रिक्शा पर 20% की सब्सिडी देगी। लाभार्थी को केवल 10% की डाउन पेमेंट करनी होगी, जबकि शेष 70% राशि बैंक ऋण के माध्यम से दी जाएगी। यह ऋण राज्य के वित्तीय भागीदारों की मदद से सुलभ और कम ब्याज दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा।

 

सरकार और काइनेटिक ग्रीन मिलकर विभिन्न जिलों में जागरूकता गतिविधियाँ भी चलाएंगे और बचत गट जैसे संगठनों के साथ मिलकर काम करेंगे। काइनेटिक ग्रीन लाभार्थियों को मुफ्त ड्राइविंग प्रशिक्षण देगी, ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने में सहायता करेगी और मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगी। कंपनी इन आठ जिलों में 1500 चार्जर लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। हर वाहन और बैटरी पांच साल की वारंटी के साथ आएंगे। इसके अतिरिक्त, पांच वर्षों तक प्रत्येक तिमाही में एक निःशुल्क सेवा सहित एक व्यापक एएमसी (वार्षिक रखरखाव अनुबंध) प्रदान किया जाएगा।

 

कंपनी महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म्स के साथ साझेदारी कर रही है ताकि लाभार्थियों को प्रथम और अंतिम मील की कनेक्टिविटी मिल सके और उन्हें एक स्थायी आमदनी का भरोसेमंद स्रोत मिल पाए।

 

काइनेटिक ग्रीन की सीईओ सुलेज्जा फिरोदिया मोटवानी ने कहा, “पिंक ई-रिक्शा योजना टिकाऊ परिवहन के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाने की हमारी सोच का जीता-जागता प्रमाण है। यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान को भी प्रोत्साहित करेगी। हम महाराष्ट्र सरकार के सहयोग के लिए आभारी हैं, जिनकी दूरदर्शी नीतियों ने इस प्रयास को संभव बनाया है।”

 

काइनेटिक ग्रीन के प्रेसिडेंट (मोबिलिटी एवं इंटरनेशनल बिजनेस) श्री सुधांशु अग्रवाल ने कहा, “यह योजना महिलाओं को केवल आजीविका नहीं देती, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज में अपनी पहचान बनाने का आत्मविश्वास भी देती है। ये पिंक ई-रिक्शा न केवल सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन विकल्प हैं, बल्कि यह उम्मीद और तरक्की का प्रतीक भी हैं।”

यह योजना 20 से 50 वर्ष तक की महिलाओं के लिए है, जिसमें विधवा, तलाकशुदा और गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। यह ई-रिक्शा एक बार चार्ज होने पर 120 किमी तक चलता है और इसमें डुअल सस्पेंशन, डिजिटल डिस्प्ले, डुअल हेडलाइट्स और 220 मिमी का ग्राउंड क्लीयरेंस जैसी सुविधाएं हैं। इसे घरेलू 16-एम्पीयर सॉकेट से आसानी से चार्ज किया जा सकता है।

 

काइनेटिक ग्रीन लाभार्थियों को प्रशिक्षित करने के लिए एक एजेंसी भी नियुक्त करेगी, ताकि वे अपने ई-रिक्शा को कुशलतापूर्वक चला सकें। कंपनी राज्य में लैंगिक समानता और हरित परिवहन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने के लिए तत्पर है।

 

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