
नारी शक्ति का सम्मान: प्रयागअक्का कराड जीवनगौरव पुरस्कार वितरण समारोह
पुणे, डीएस तोमर
विश्वशांति केंद्र (आळंदी), माईर्स एमआयटी, पुणे की ओर से विश्वधर्मी मानवतातीर्थ रामेश्वर (रूई), लातूर में त्यागमूर्ति श्रीमती प्रयागअक्का कराड के 12वें पुण्यस्मरण पर ‘पूर्णब्रह्मयोगिनी त्यागमूर्ति प्रयागअक्का कराड समर्पित जीवनगौरव राष्ट्रीय पुरस्कार’ का वितरण समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व अध्यक्ष व वैज्ञानिक डॉ. भूषण पटवर्धन और बड़ौदा संस्थान के जितेंद्रसिंह गायकवाड को जीवन गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

डॉ. भूषण पटवर्धन का वक्तव्य:
डॉ. पटवर्धन ने कहा, “क्षमा, शौर्य, धर्म और नीति के मूल्यों से युक्त यह पुरस्कार नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान देकर समाज को प्रेरित किया है। डॉ. कराड द्वारा शुरू किया गया यह पुरस्कार नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
सम्मानित हस्तियां:
समारोह में बड़ौदा संस्थान की महारानी आशाराजे संग्रामसिंहराजे गायकवाड, वरिष्ठ समाजसेविका भारती ठाकुर, ग्लोबल इनिशिएटिव ऑफ पीस एंड वेलबीइंग (राजस्थान) की डॉ. बिन्नी सरीन, बद्रीनाथ धाम (माणा गांव) की शिक्षिका व समाजसेविका दमयंती जितवान और आळंदी की श्रीमती रमाबाई किसन महाराज साखरे को भी जीवनगौरव पुरस्कार से नवाजा गया। पुरस्कार स्वरूप स्मृति चिन्ह, प्रमाणपत्र, स्मृति पदक और 1,25,000 रुपये की राशि प्रदान की गई।
अन्य वक्ताओं के विचार:

विश्वधर्मी प्रा. डॉ. विश्वनाथ कराड ने कहा, “रामेश्वर गांव मानव एकता का प्रतीक बन गया है। अक्का का जीवन भारतीय संस्कृति और परंपरा का जीवंत उदाहरण है।”
जितेंद्रसिंह गायकवाड ने पुरस्कार को अपने लिए गर्व का विषय बताया।
सम्मानित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए नारी शक्ति के महत्व और सामाजिक कार्यों की प्रेरणा पर प्रकाश डाला।

समारोह में प्रमुख उपस्थिति:
इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथि, समाजसेवी, शिक्षाविद और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मिलींद पात्रे ने किया और आभार डॉ. सुचित्रा नागरे ने व्यक्त किया।

