रीवा

ग्राम सभा में पारित प्रस्तावों के अनुसार अपात्रों के नाम पोर्टल से हटाएं – कलेक्टर

ग्राम सभा में पारित प्रस्तावों के अनुसार अपात्रों के नाम पोर्टल से हटाएं – कलेक्टर

विद्युत लाइनों के मेंटीनेंस और बिजली आपूर्ति पर विशेष ध्यान दें – कलेक्टर

 

रीवा  आलोक कुमार तिवारी:. कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में टीएल पत्रों तथा सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के हितग्राहियों के सत्यापन के लिए 24 मई को विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की गईं थीं। ई केवाईसी न कराने वाले तथा अपात्र हितग्राहियों के संबंध में ग्राम सभा में पारित प्रस्तावों पर जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तत्काल कार्यवाही करें। प्रस्तावों के अनुरूप अपात्रों के नाम पोर्टल से पृथक कराएं। जून माह में उन्हीं हितग्राहियों के लिए खाद्यान्न का आवंटन मिलेगा जिनकी ई केवाईसी हो चुकी है। खाद्यान्न वितरण के समय यदि अप्रिय स्थिति निर्मित होगी तो जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि अधीक्षण यंत्री विद्युत मण्डल सीएम हेल्पलाइन तथा समाधान ऑनलाइन के एजेण्डा बिन्दुओं में लंबित बिजली विभाग की शिकायतों का निराकरण करें। बिजली बिलों में सुधार तथा बिजली की आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का तीन दिवस में निराकरण करें। जिले भर में बिजली की लाइनों के मेंटीनेंस पर विशेष ध्यान दें। आंधी अथवा अन्य प्राकृतिक कारणों से बिजली लाइनों को क्षति पहुंचने पर तत्काल सुधार कराने पर बिजली की आपूर्ति बहाल करें। बिजली की नियमित आपूर्ति के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करें। जल गंगा संवर्धन अभियान में स्वीकृत जल संरक्षण के कार्यों को 10 जून तक अनिवार्य रूप से पूरा कराएं। जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्वीकृत कार्यों के मस्टर जारी कराकर लंबित राशि का तत्काल भुगतान करें। सभी अधिकारी सीएम डैशबोर्ड के बिन्दुओं पर भी तत्परता से कार्यवाही करें।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी कार्यालयीन व्यवस्थाओं तथा अभिलेखों के व्यवस्थित रखने पर विशेष ध्यान दें। विभागीय निर्देशों के अनुरूप निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए विभागीय कार्य पूरा करें। कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच कार्य विभाजन करके सबको समुचित उत्तरदायित्व दें। अपने अधीनस्थों से कार्य कराना भी कार्यालय प्रमुख की ही जिम्मेदारी है। कार्यालय को आमजनता से प्राप्त आवेदनों को विधिवत पंजीबद्ध करके उनका समय सीमा में निराकरण करें। जनप्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त पत्रों पर भी तत्परता से कार्यवाही करें। सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का निराकरण कराकर तथ्यपरक प्रतिवेदन पोर्टल में दर्ज कराएं। सभी एसडीएम अपने अनुभाग के कार्यालयों का निरीक्षण करके व्यवस्थाओं में सुधार लाएं।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि समाधान ऑनलाइन के एजेण्डा बिन्दुओं में लंबित प्रकरणों का 7 दिवस में निराकरण करें। अभी भी विद्युत मण्डल, गृह विभाग, राजस्व विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, खाद्य विभाग, श्रम विभाग, पीएचई विभाग, हथकरघा विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग में अभी भी कुल 1883 आवेदन पत्र लंबित हैं। इनके निराकरण पर विशेष ध्यान दें। सीएम हेल्पलाइन में मई माह में भी ऊर्जा विभाग, राजस्व विभाग, पीएचई, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, गृह विभाग, खाद्य विभाग, नगर निगम तथा स्वास्थ्य विभाग में बड़ी संख्या में आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूचि लेकर प्रकरणों का निराकरण करें। सभी एसडीएम सीमांकन और नामंतरण के आवेदनों का निराकरण कराकर ऑनलाइन प्रतिवेदन दर्ज कराएं। यदि विभाग सीएम हेल्पलाइन की ग्रेडिंग में डी श्रेणी में रहेगा तो कार्यवाही होगी। बैठक में खाद्यान्न के वितरण, गेंहू उपार्जन में किसानों को भुगतान, पेयजल व्यवस्था तथा संचारी रोगों से बचाव की भी समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर, अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी, संयुक्त कलेक्टर पीके पाण्डेय, संयुक्त कलेक्टर श्रेयस गोखले, सभी एसडीएम, जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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