पूणे

यामाहा के चेन्नई प्लांट ने पूरे किए 10 साल; 50 लाखवां टू-व्‍हीलर बनाकर रचा नया कीर्तिमान

यामाहा के चेन्नई प्लांट ने पूरे किए 10 साल; 50 लाखवां टू-व्‍हीलर बनाकर रचा नया कीर्तिमान

पुणे: इंडिया यामाहा मोटर प्राइवेट लिमिटेड ने अपने चेन्नई प्लांट की 10वीं वर्षगांठ के साथ एक अहम उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने इस अत्याधुनिक संयंत्र से 50 लाखवां टू-व्हीलर वाहन बनाकर अपने विनिर्माण सफर में नया इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि AEROX 155 Version S स्कूटर के रूप में सामने आई, जो इस यादगार पड़ाव का प्रतीक बना। यह प्लांट आज न सिर्फ देश के लिए, बल्कि दुनिया भर के बाजारों के लिए भी एक प्रमुख उत्पादन केंद्र की भूमिका निभा रहा है।

 

 

 

पिछले दस वर्षों में यामाहा का चेन्नई संयंत्र भारतीय ग्राहकों की जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ कंपनी के निर्यात कारोबार का भी अहम हिस्सा बन चुका है। इस प्लांट में यामाहा के हाइब्रिड स्कूटर जैसे RayZR 125 Fi और Fascino 125 Fi, के अलावा प्रदर्शन प्रधान Aerox 155 Version S का निर्माण होता है। निर्यात के लिहाज से यहां से FZ, Saluto रेंज और Alpha स्कूटर जैसे लोकप्रिय मॉडल भी कई देशों को भेजे जाते हैं। यामाहा की यह फैक्ट्री वैश्विक गुणवत्ता मानकों के अनुरूप निर्माण करते हुए दुनियाभर के ग्राहकों तक भरोसेमंद उत्पाद पहुंचा रही है। खास बात यह है कि इस संयंत्र से कुल उत्पादन का 30% से भी अधिक हिस्सा निर्यात किया जाता है, जो इसकी मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी प्रासंगिकता को दर्शाता है।

 

 

 

इस अवसर पर यामाहा मोटर इंडिया ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के चेयरमैन श्री इतारू ओतानी ने कहा, “चेन्नई फैक्ट्री यामाहा के वैश्विक विनिर्माण नेटवर्क में रणनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह हमारी उस सोच को दर्शाती है, जो लोगों, प्रक्रियाओं और उत्पादों पर केंद्रित है, जहां कुशल कर्मचारियों, समन्वित संचालन और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अहम भूमिका निभाती है। दुनिया की सबसे आधुनिक निर्माण इकाइयों में से एक के रूप में, इस फैक्ट्री ने भारत की गतिशीलता आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में एक भरोसेमंद निर्यातक के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है।”

 

 

 

“हमारे 50 लाखवें टू-व्हीलर के निर्माण के इस ऐतिहासिक अवसर पर, मैं अपने समर्पित कर्मचारियों, भरोसेमंद वेंडर पार्टनर्स हमारे जोशीले ग्राहकों का दिल से धन्यवाद करता हूं, जिनकी बदौलत यह सफर संभव हो पाया है। हम आगे भी निरंतर प्रगति करते रहेंगे, और चेन्नई फैक्ट्री भारतीय और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों की बदलती ज़रूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाती रहेगी।”

 

 

 

चेन्नई स्थित यामाहा फैक्ट्री 177 एकड़ क्षेत्र में फैली है, जहां एक खास इंटीग्रेटेड मॉडल अपनाया गया है। इसमें से 109 एकड़ क्षेत्र इंडिया यामाहा मोटर के लिए आरक्षित है, जबकि 68 एकड़ पर सह-स्थित वेंडर पार्टनर्स की इकाइयाँ हैं। यह ‘वन फैक्ट्री’ कॉन्सेप्ट सभी इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करता है। इस एकीकृत दृष्टिकोण से निर्माण प्रक्रिया तेज़ और सुचारु हुई है, साथ ही उत्पादन क्षमता और आपूर्ति श्रृंखला का तालमेल भी काफी बेहतर हुआ है। यही कारण है कि यह संयंत्र यामाहा की सबसे आधुनिक फैक्ट्रियों में से एक बन चुका है।

 

 

 

पिछले दस वर्षों में यामाहा की चेन्नई फैक्ट्री को लगातार अपग्रेड किया गया है ताकि कंपनी की प्रीमियम प्रोडक्ट रणनीति को मजबूती दी जा सके। यहां छोटे और मिड-रेंज इंजन वाली हाई-वैल्यू मोटरसाइकिल और स्कूटर तैयार किए जाते हैं। भारत में लागू सख्त उत्सर्जन मानकों को ध्यान में रखते हुए यामाहा मोटर कंपनी लिमिटेड ने इस फैक्ट्री को एक वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने का अवसर पहचाना, जहां ऐसे उत्पाद बनाए जाएं जो प्रदर्शन और मानकों के उच्चतम स्तर को पूरा कर सकें।

 

 

 

आज यह संयंत्र न सिर्फ भारत के लिए प्रीमियम मॉडल तैयार करता है, बल्कि यूरोप, लैटिन अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए खासतौर पर डिजाइन किए गए उत्पादों का भी निर्माण करता है। गुणवत्ता, डिजिटलीकरण और पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों पर जोर देने वाली यह यूनिट स्मार्ट और टिकाऊ निर्माण के भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार है।

 

 

 

सस्टेनेबिलिटी को लेकर यामाहा की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का परिचय चेन्नई प्लांट की 4450 किलोवॉट सौर ऊर्जा क्षमता से मिलता है, जिससे न सिर्फ कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है, बल्कि हरित निर्माण को भी बढ़ावा मिला है। प्लांट की अधोसंरचना और तकनीकें अत्याधुनिक हैं, जिसमें ज़ीरो वॉटर डिस्चार्ज, वेस्टवॉटर रीसायक्लिंग और रीयूज़ जैसी व्यवस्था भी शामिल है। संयंत्र को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि प्राकृतिक रोशनी का अधिकतम उपयोग हो सके, और सभी इमारतें सौर ऊर्जा प्रणाली के अनुकूल हों।

 

 

 

इसके अलावा, सभी आवश्यक यूटिलिटीज़ को एक केंद्रीय स्थान पर रखा गया है, जिससे वितरण में होने वाला नुकसान कम हो और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो सके। यह संयंत्र आज की जरूरतों और भविष्य की सोच को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया एक आदर्श सतत औद्योगिक मॉडल है।

 

 

 

50 लाखवां टू-व्हीलर बनाने और वैश्विक निर्यात विस्तार जैसी दोहरी उपलब्धियों के साथ यामाहा की चेन्नई फैक्ट्री अब केवल निर्माण क्षमता का प्रतीक नहीं, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ के प्रति कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का भी प्रमाण बन चुकी है। यह संयंत्र आज विश्वस्तरीय टू-व्हीलर निर्माण और विकास का एक मज़बूत केंद्र बन चुका है।

 

 

 

यह उपलब्धि भारतीय बाजार में यामाहा के मोटरसाइकिल कारोबार को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। इस सफलता में हमारे जोशीले ग्राहकों का अटूट समर्थन और भरोसा हमेशा से हमारी प्रेरणा रहा है। उन्हीं की वजह से हम हर बार नवाचार और प्रदर्शन की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रेरित होते हैं। हम आगे भी इसी उत्साह के साथ भारत सहित दुनियाभर में ग्राहकों को शानदार और यादगार अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

 

 

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