पूणेमहाराष्ट्रशिक्षा

सूर्यदत्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन को‘आईएमसी रामकृष्ण बजाज राष्ट्रीय गुणवत्ता पुरस्कार’ प्रदान

सूर्यदत्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन को‘आईएमसी रामकृष्ण बजाज राष्ट्रीय गुणवत्ता पुरस्कार’ प्रदान

 

प्रतिष्ठित आईएमसी रामकृष्ण बजाज राष्ट्रीय गुणवत्ता पुरस्कार से सूर्यदत्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन सम्मानित

 

जीवन में सफल होने के लिए अनुशासन, टीमवर्क और निरंतरता जरूरी

सुनील गावस्कर ने कहा; सूर्यदत्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंटको ‘आईएमसी रामकृष्ण बजाज राष्ट्रीय गुणवत्ता पुरस्कार’

‘सूर्यदत्त’ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध

प्रा. डॉ. संजय बी. चोरडिया ने कहा; सूर्यदत्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंटको ‘आईएमसी रामकृष्ण बजाज राष्ट्रीय गुणवत्ता पुरस्कार’

रिपोर्ट ;विशाल समाचार 

पुणे: पुणे महाराष्ट्र 

पुणे, : सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा संचालित सूर्यदत्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन (एसआईएमएमसी) को शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘आईएमसी रामकृष्ण बजाज नेशनल क्वालिटी अवॉर्ड (RBNQA)’ से सम्मानित किया गया है। संस्थान को शैक्षणिक गुणवत्ता, सतत सुधार और उत्कृष्ट प्रबंधन पद्धतियों के लिए ‘कमेंडेशन सर्टिफिकेट’ प्रदान किया गया। यह समारोह मुंबई के चर्चगेट स्थित आईएमसी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में आयोजित किया गया। इस अवसर पर नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के साथ जिंदल स्टेनलेस स्टील, हिसार और जीएमआर वरोरा इंजीनियरिंग लिमिटेड को भी सम्मानित किया गया।

 

यह पुरस्कार पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर के हाथों प्रदान किया गया। इसे सूर्यदत्त के संस्थापक अध्यक्ष प्रा. डॉ. संजय बी. चोरडिया, उपाध्यक्ष एवं सचिव सुषमा चोरडिया, सहयोगी उपाध्यक्ष स्नेहल नवलखा और विभाग प्रमुख प्रा. डॉ. मनीषा कुंभार ने स्वीकार किया। कार्यक्रम में आईएमसी की अध्यक्ष सुनीता रामनाथकर, आरबीएनक्यूए ट्रस्ट के अध्यक्ष नीरज बजाज सहित डॉ. मेधा देशमुख, डॉ. विवेक स्वामी, डॉ. शीतल भुसारे और प्रा. स्मिता चव्हाण समेत कई गणमान्य उपस्थित थे। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मान से संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की दिशा को नई ऊर्जा मिली है।

 

इस अवसर पर सुनील गावस्कर ने कहा, “अनुशासन, टीमवर्क और निरंतरता जीवन में सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। खेल और संस्थागत सफलता में समानता होती है और गुणवत्ता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं। यदि विद्यार्थियों में बचपन से ही इन गुणों का विकास किया जाए, तो वे जीवन में आसानी से सफलता प्राप्त कर सकते हैं। पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी भागीदारी जरूरी है, जिससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है।”

 

वहीं कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि गुणवत्ता केवल प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें मूल्य, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी भी शामिल होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों से वैश्विक स्तर पर जिम्मेदार नागरिक तैयार करने का आह्वान किया। सूर्यदत्त समूह की ओर से सुनील गावस्कर और कैलाश सत्यार्थी का विशेष सम्मान किया गया तथा उन्हें सूर्यदत्त परिसर का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया गया।

 

प्रा. डॉ. संजय बी. चोरडिया ने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार पर खुशी जताते हुए संस्थान के सभी पदाधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सूर्यदत्त संस्थान ने हमेशा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया है और आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यह सम्मान संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार और वैश्विक स्तर की ओर बढ़ती यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

 

सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से संबद्ध इस संस्थान को हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से स्वायत्तता का दर्जा प्राप्त हुआ है। SIMMC को एआईसीटीई-सीआईआई इंडस्ट्री-लिंक्ड टेक्निकल इंस्टीट्यूट्स सर्वे में लगातार छह वर्षों तक प्लेटिनम श्रेणी में स्थान मिला है। ‘NAAC’ से ‘A’ ग्रेड प्राप्त यह संस्थान शिक्षा, शोध, उद्योग सहयोग और विद्यार्थियों के समग्र विकास में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button