
गुजरात चुनाव आयोग ने पुणे के शोधकर्ता से मांगे प्रशासनिक सुझाव
पुणे, विशाल समाचार
भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा महाराष्ट्र, केरल और गुजरात राज्यों में स्थानीय स्वशासन संस्थाओं (स्थानीय निकायों) के चुनाव कराने की घोषणा की गई है। इस संदर्भ में पुणे के प्रसिद्ध निर्वाचन विषयक शोधकर्ता डॉ. तुषार निकाळजे ने महाराष्ट्र, केरल और गुजरात राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्तों तथा पुणे महानगरपालिका से संपर्क कर चुनाव संबंधी प्रशासनिक सुधारों के संदर्भ में सुझाव देने की अनुमति और सहमति मांगी थी।
इस पर गुजरात राज्य निर्वाचन आयोग ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. निकाळजे से संपर्क साधा और उनसे चुनाव सुधार से जुड़े प्रस्ताव भेजने का अनुरोध किया। डॉ. निकाळजे ने तत्परता दिखाते हुए अपने सुझावों को एक विस्तृत प्रस्ताव के रूप में गुजरात चुनाव आयोग को भेज दिया है।
डॉ. निकाळजे का मानना है कि “इन सुधारों को लागू किए जाने से न केवल मतदान प्रतिशत में वृद्धि होगी, बल्कि मतदाताओं, चुनाव कर्मचारियों, अधिकारियों और स्वयं चुनाव आयोग पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा। साथ ही, चुनावी प्रक्रियाओं में लगने वाले समय की भी बचत होगी।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यदि ये सुधार अमल में लाए जाते हैं, तो गुजरात देश का ऐसा पहला राज्य बन जाएगा जिसने स्वतंत्र भारत के पिछले 75 वर्षों में प्रस्तावित इस प्रकार की प्रशासनिक सुधारों को अंगीकार किया होगा।
डॉ.निकाळजे ने चुनाव आयोग को यह भी सूचित किया है कि वे इस कार्य के लिए कोई मानधन अथवा वेतन नहीं लेंगे।
डॉ.निकाळजे ने अपनी इस शोध पहले का उपयोग देशसेवा के रूप में किए जाने की इच्छा व्यक्त की

