
भीमाशंकर क्षेत्र का होगा सुनियोजित विकास, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश
मुंबई: ,मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने श्री क्षेत्र भीमाशंकर के विकास आराखड़े की तात्कालिक रूप से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले 2027 से पूर्व इस पवित्र स्थल का सुनियोजित और गुणवत्तापूर्ण विकास किया जाए ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री श्री फडणवीस की अध्यक्षता में सह्याद्री अतिथिगृह, मुंबई में आयोजित बैठक में ₹288.17 करोड़ के श्री क्षेत्र भीमाशंकर विकास आराखड़े को औपचारिक मंजूरी दी गई। यह योजना कुंभ मेला 2027 के संदर्भ में भीड़ प्रबंधन और मूलभूत सुविधाओं के विकास को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
इस बैठक में सांस्कृतिक कार्य मंत्री श्री आशिष शेलार, विधायक श्री दिलीप वळसे पाटील, पुणे के जिलाधिकारी श्री जितेंद्र डुडी सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
भीमाशंकर क्षेत्र में दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को केंद्र में रखकर उच्च दर्जे की सुविधा विकसित की जाए।
कार्यों की समयबद्ध योजना बनाकर उसका पालन सुनिश्चित किया जाए।
भीमाशंकर के प्राकृतिक सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए इको-टूरिज्म की संकल्पना विकसित की जाए।
क्षेत्र में वनभ्रमण पथ, रोप-वे, होटल, रेस्टॉरेंट और निवास सुविधाएं विकसित की जाएं।
दळणवळण मार्ग, अंतर्गत सड़कें, हेलीपैड, तथा राजगुरुनगर-तळेघाट-भीमाशंकर महामार्ग का भी सुदृढ़ विकास किया जाए।
स्थानीय व्यापारियों को नये दुकानें प्रदान कर उनका पुनर्वास किया जाए।
सुरक्षा व्यवस्था हेतु अतिरिक्त पुलिस चौकी स्थापित की जाए और
अखंडित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु बिजली उपकेंद्र की व्यवस्था की जाए।
बैठक में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री ओ.पी. गुप्ता, नियोजन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री राजगोपाल देवरा, मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रधान सचिव श्रीमती अश्विनी भिडे, सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल धार्मिक नहीं, बल्कि पारिस्थितिकी और पर्यटन की दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण विकास परियोजना है, जिसे प्रतिबद्धता और गति से आगे बढ़ाया जाएगा।



