पूणे

रमी खेलने वाले कृषि मंत्री को तुरंत बर्खास्त किया जाए” — बसपा नेता डॉ. हुलगेश चलवादी की मुख्यमंत्री से मांग

“रमी खेलने वाले कृषि मंत्री को तुरंत बर्खास्त किया जाए— बसपा नेता डॉ. हुलगेश चलवादी की मुख्यमंत्री से मांग

राज्य में किसानों की आत्महत्याएं थम नहीं रहीं, शासन के प्रति बढ़ रहा है अविश्वास का माहौल

ब्यूरो डीएस तोमर पुणे 

पुणे : बसपा के प्रदेश महासचिव एवं पश्चिम महाराष्ट्र के प्रभारी डॉ. हुलगेश चलवादी ने आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की है कि किसानों के प्रति असंवेदनशील रवैया रखने वाले और जुए के खेल “रमी” में लिप्त कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे को तुरंत पद से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि सहायता के नाम पर किसानों को सिर्फ आश्वासन देकर उनके जख्मों पर नमक छिड़का जा रहा है और इस गंभीर स्थिति में राज्य का कृषि मंत्री मौज-मस्ती में लिप्त है, जो पूरी तरह से निंदनीय है।

डॉ. चलवादी ने स्पष्ट किया कि बीते कुछ समय से राज्य सरकार की कार्यशैली और मंत्रियों की असंवेदनशीलता के चलते आम जनता, विशेषकर किसानों में शासन के प्रति गहरा अविश्वास पनप रहा है। उन्होंने मांग की कि मंत्रिमंडल में शामिल अकार्यक्षम मंत्रियों की भी तत्काल बर्खास्तगी की जानी चाहिए।

किसानों की आत्महत्याओं के भयावह आंकड़े

डॉ. चलवादी ने बताया कि महाराष्ट्र में 2025 की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) के दौरान ही 767 किसानों ने आत्महत्या की, अर्थात प्रतिदिन औसतन आठ किसान जीवन समाप्त कर रहे हैं।

वर्ष 2024 में 2,635 और वर्ष 2023 में 2,851 किसानों ने आत्महत्या की थी।पिछले 10 वर्षों में 37,000 से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से राज्य के ग्रामीण हालातों की गंभीरता का अनुमान लगाया जा सकता है। सरकार के संवेदनशील नेतृत्व की आवश्यकता थी, लेकिन वर्तमान कृषि मंत्री के व्यवहार से किसान ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

प्राकृतिक आपदाओं से भारी नुकसान के लिए डॉ. चलवादी ने बताया कि इस वर्ष मॉनसून पूर्व बेमौसम बारिश और तेज़ हवाओं के कारण 29,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें नष्ट हो गई हैं।

विशेष रूप से नाशिक, जळगांव, अकोला, अमरावती और मराठवाड़ा क्षेत्रों के किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हालांकि राज्य सरकार ने नुकसान का पंचनामा और आर्थिक मदद की घोषणा की है, लेकिन डॉ. चलवादी का मानना है कि यह केवल दिखावा है और दीर्घकालिक समाधान की सख्त आवश्यकता है।

उन्होंने कहा —“यदि नीति बनाने वाले ही ताश के पत्तों में उलझे हों, तो किसान अपनी उम्मीदें किससे लगाएं?”

बसपा की स्पष्ट मांगें है. कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे को तत्काल बर्खास्त किया जाए।,मंत्रिमंडल के अकार्यक्षम एवं असंवेदनशील मंत्रियों को हटाया जाए।, किसानों की आत्महत्याएं रोकने हेतु दीर्घकालीन व प्रभावी कृषि नीति तैयार की जाए।, प्रभावित किसानों को सीधी व पारदर्शी आर्थिक सहायता दी जाए।,राज्य के किसान संगठनों से संवाद कर स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

डॉ. चलवादी ने अंत में कहा कि अगर सरकार किसानों की सुध नहीं लेती, तो बहुजन समाज पार्टी राज्यभर में जन आंदोलन छेड़ेगी और हर मंच पर किसानों के हक की आवाज बुलंद करेगी।

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