
अल्पवर्षा के कारण उत्पन्न जल संकट से निपटने हेतु जिला प्रशासन सक्रिय
30 टैंकरों के माध्यम से 60 वार्डों में हो रही है नियमित पेयजल आपूर्ति।
नल-जल योजनाओं की मरम्मती एवं चापाकलों का कन्वर्जन कार्य जारी
ब्यूरो विशाल समाचार सीतामढ़ी
सीतामढ़ी जिले में इस वर्ष अल्पवर्षा के कारण भूगर्भ जल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे विभिन्न प्रखंडों के कई पंचायतों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। इस गंभीर परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय के निर्देश पर जिला प्रशासन पूरी तत्परता से राहत कार्यों में जुटा हुआ है।

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, पीएचईडी विभाग को जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा सभी आवश्यक कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जा रहे हैं।
पेयजल आपूर्ति हेतु टैंकर संचालन
पीएचईडी सीतामढ़ी के कार्यपालक अभियंता श्री अरुण प्रकाश ने जानकारी दी कि परिहार, सोनबरसा, बथनाहा, रुन्नीसैदपुर, बाजपट्टी, बोखड़ा, नानपुर एवं सुरसंड प्रखंडों के कुल 60 वार्डों में 30 टैंकरों के माध्यम से प्रतिदिन सुबह-शाम शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।
चापाकलों की मरम्मती एवं कन्वर्जन कार्य
पेयजल संकट से निपटने के लिए अब तक परिहार, सोनबरसा, बोखड़ा, बाजपट्टी, नानपुर एवं सुरसंड प्रखंडों में 150 साधारण चापाकलों का कन्वर्जन कार्य संपन्न कराया गया है। इसके अतिरिक्त, कुल 34 मरम्मती दल प्रतिदिन जिले भर के सभी प्रखंडों में चापाकलों की मरम्मती कार्य में लगे हुए हैं। जहां आवश्यक हो, वहां नए चापाकलों का निर्माण भी कराया जा रहा है।
नल-जल योजनाओं की मरम्मती।

संचालित नल-जल योजनाओं की स्थिति में सुधार लाते हुए पिछले पाँच दिनों में 121 बंद योजनाओं को पुनः चालू किया गया है। साथ ही, 380 योजनाओं में मरम्मती का कार्य पूर्ण किया गया है।
जिला प्रशासन आम नागरिकों से अपील करता है कि वे जल का विवेकपूर्ण उपयोग करें तथा उत्पन्न संकट की इस घड़ी में प्रशासन को सहयोग प्रदान करें। संकट की इस घड़ी में जिला प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है ताकि आम जनता को न्यूनतम कठिनाई का सामना करना पड़े।


