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नारायण सेवा संस्थान द्वारा पुणे में मेगा निःशुल्क दिव्यांग सेवा शिविर का सफल आयोजन, 396 दिव्यांगजनों को मिला लाभ

नारायण सेवा संस्थान द्वारा पुणे में मेगा निःशुल्क दिव्यांग सेवा शिविर का सफल आयोजन, 396 दिव्यांगजनों को मिला लाभ

 

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:पुणे महाराष्ट्र

पुणे, महाराष्ट्र | : दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए नारायण सेवा संस्थान ने टाटा टेली बिजनेस सर्विसेज तथा न्यूमैन एंड एस्सार ग्रुप के सहयोग से रविवार को पुणे स्थित अल्प बचत भवन में मेगा निःशुल्क दिव्यांग जांच, करेक्टिव सर्जरी चयन एवं 3डी प्रिंटेड नारायण मॉड्यूलर लिंब मेज़रमेंट शिविर का सफल आयोजन किया।

शिविर में दिव्यांगजनों को अभूतपूर्व प्रतिसाद मिला, जिसमें 396 दिव्यांगजनों ने लाभ प्राप्त किया। अनुभवी अस्थि रोग विशेषज्ञों, कृत्रिम लिंब विशेषज्ञों एवं पुनर्वास विशेषज्ञों की टीम ने सभी लाभार्थियों का विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण किया। परीक्षण के उपरांत 396 लाभार्थियों का जापानी एवं जर्मन तकनीक आधारित 3डी प्रिंटेड नारायण मॉड्यूलर लिंब एवं कैलिपर्स के लिए मापन किया गया, जबकि 22 लाभार्थियों का चयन निःशुल्क करेक्टिव सर्जरी के लिए किया गया। ये सर्जरी नारायण सेवा संस्थान द्वारा निःशुल्क की जाएंगी, जिससे उनकी गतिशीलता और जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

जापानी एवं जर्मन तकनीक से विकसित 3डी प्रिंटेड नारायण मॉड्यूलर कृत्रिम लिंब हल्के, टिकाऊ, अत्यंत सटीक एवं आरामदायक हैं। ये लाभार्थियों को बेहतर गतिशीलता, अधिक सुविधा, कार्यक्षमता तथा आत्मनिर्भरता प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। निर्माण प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दो से तीन महीनों में आयोजित होने वाले अगले शिविर में इन्हें लाभार्थियों को निःशुल्क प्रदान किया जाएगा।

शिविर का उद्घाटन डॉ. रघुनाथ कुचिक, पूर्व मंत्री, महाराष्ट्र सरकार एवं महासचिव, भारतीय कामगार सेना ने किया। उन्होंने नारायण सेवा संस्थान के मानवीय कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों की सेवा करना मानवता की सेवा के समान है। उन्होंने संस्थान के पुनर्वास एवं सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय योगदान की प्रशंसा की तथा समाज से ऐसे सेवा कार्यों में सहयोग देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें मन्नू सिंह, वाइस प्रेसिडेंट, टाटा टेली बिजनेस सर्विसेज; हेमंत बोरहाडे, चीफ फाइनेंस कंट्रोलर, न्यूमैन एंड एस्सार ग्रुप इंजीनियरिंग इंडिया प्रा. लि.; राहुल बोहरा, फाउंडर चेयरमैन, रामा हॉस्पिटैलिटी; प्रफुल्ल सारडा, फाउंडर चेयरमैन, रुचि क्रिएशन; संकेत शाह, प्रेसिडेंट, डिवाइन जैन ग्रुप; मनोज अग्रवाल, प्रेसिडेंट, अग्रवाल समाज, येरवडा; कर्नल अमरेंद्र पांडेय; प्रशांत पांडेय; अविनाश साल्वे, कॉर्पोरेटर, येरवडा तथा महेश जिन्दम, मैनेजिंग डायरेक्टर, न्यूसॉफ्ट सॉल्यूशंस प्रा. लि. शामिल रहे।

इस अवसर पर नारायण सेवा संस्थान के प्रेसिडेंट, प्रशांत अग्रवाल ने कहा, “मेगा निःशुल्क दिव्यांग सेवा शिविर को मिला व्यापक सहयोग यह दर्शाता है कि सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं एवं पुनर्वास सुविधाओं की आवश्यकता निरंतर बढ़ रही है। नारायण सेवा संस्थान प्रत्येक जरूरतमंद दिव्यांगजन तक पहुंचकर उन्हें आधुनिक चिकित्सा, सहायक उपकरण एवं पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उनके जीवन में गतिशीलता, सम्मान, आत्मविश्वास और नई आशा का संचार हो सके।”

शिविर का प्रस्तुतीकरण करते हुए संस्थान के ट्रस्टी-डायरेक्टर देवेन्द्र चौबीसा ने संस्थान की विभिन्न मानवीय सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि दिव्यांगजनों का समग्र पुनर्वास और सामाजिक सशक्तिकरण है। निःशुल्क करेक्टिव सर्जरी, नारायण कृत्रिम लिंब, शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार प्रशिक्षण, प्रतिदिन लगभग 5,000 जरूरतमंदों के लिए भोजन सेवा, वंचित बच्चों के लिए नारायण चिल्ड्रन अकादमी तथा दिव्यांगजनों के सामूहिक विवाह जैसे अनेक सेवा कार्यों के माध्यम से हम सम्मान और संवेदनशीलता के साथ जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास कर रहे हैं।”

शिविर के दौरान अतिथियों ने लाभार्थियों एवं उनके परिजनों से संवाद किया तथा चिकित्सकीय परीक्षण, कृत्रिम लिंब निर्माण और पुनर्वास की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। संस्थान की ओर से सभी लाभार्थियों एवं उनके परिजनों के लिए निःशुल्क भोजन, अल्पाहार एवं चाय की भी व्यवस्था की गई। लगभग 40 स्वयंसेवकों एवं विशेषज्ञों की समर्पित टीम ने शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नारायण सेवा संस्थान निःशुल्क करेक्टिव सर्जरी, आधुनिक कृत्रिम लिंब, पुनर्वास सेवाएं, शिक्षा, कौशल विकास एवं अन्य मानवीय पहलों के माध्यम से दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्यरत है। पुणे में आयोजित यह शिविर संस्थान के सेवा, समर्पण और आधुनिक पुनर्वास तकनीकों के माध्यम से जीवन परिवर्तन के अभियान में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

राष्ट्रीय स्तर पर भी संस्थान की सेवाओं को सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ है। संस्थान के संस्थापक कैलाश मानव अग्रवाल को वर्ष 2008 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। इसी सेवा परंपरा को आगे बढ़ाते हुए संस्थान के प्रेसिडेंट प्रशांत अग्रवाल को वर्ष 2023 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। वर्ष 1985 में स्थापना के बाद से अब तक संस्थान 39,388 से अधिक दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम लिंब तथा 4.52 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को निःशुल्क चिकित्सा एवं पुनर्वास सेवाएं प्रदान कर चुका है, जिससे यह भारत के अग्रणी दिव्यांग पुनर्वास एवं मानवीय सेवा संस्थानों में शामिल है।

 

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