
माईर्स एमआईटी के 43वें स्थापना दिवस पर “गीत विश्वनाथ” विशेष कार्यक्रम का आयोजन
पुणे : वैश्विक स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर बन चुकी माईर्स एमआईटी ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स, पुणे द्वारा अपने 43वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 5 अगस्त 2025 को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह कोथरुड स्थित एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के स्वामी विवेकानंद सभामंडप में सुबह 9:45 बजे आरंभ होगा।
उद्घाटन सत्र में फुलगांव स्थित श्रुति सागर आश्रम के संस्थापक परमपूज्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती, गरीबे इंस्टिट्यूट फॉर सॉफ्ट पॉवर एंड पब्लिक डिप्लोमेसी (USA) के संस्थापक और ग्रैमी पुरस्कार विजेता प्रो. फर्नांडो गरीबे, तथा संस्थान के अध्यक्ष रोनाल्ड सी. गुनेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
मुंबई विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु डॉ. संजय देशमुख समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
इस अवसर पर एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष और विश्वधर्मी विचारधारा के प्रणेता प्रा. डॉ. विश्वनाथ दा. कराड विशेष रूप से उपस्थित रहकर कार्यक्रम को आशीर्वचन देंगे।
“गीत विश्वनाथ” — स्थापना दिवस की मुख्य सांस्कृतिक प्रस्तुति
इस अवसर पर “गीत विश्वनाथ – विश्वधर्मी विश्वनाथ, शोध विश्वशांति का: यात्रा वचनपूर्ति की” नामक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है।
प्रसिद्ध गप्पाष्टककार डॉ. संजय उपाध्ये द्वारा रचित कविताओं का संगीतमय प्रस्तुतीकरण प्रा. शशांक दिवेकर द्वारा किया जाएगा।
साथ ही, संस्थान के प्रति अमूल्य सेवाएं प्रदान करने वाले 18 प्राध्यापकों और कर्मचारियों का विशेष सत्कार भी किया जाएगा।
प्रशासनिक और ट्रस्टी सदस्य विशेष रूप से रहेंगे उपस्थित
इस कार्यक्रम में संस्थान के प्रमुख पदाधिकारी और ट्रस्टीगण भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे, जिनमें शामिल हैं:
प्रा. प्रकाश बी. जोशी – संस्थापक ट्रस्टी,डॉ. राहुल वी. कराड – कार्यकारी अध्यक्ष एवं प्रबंध ट्रस्टी,डॉ. मंगेश टी. कराड – अध्यक्ष,तुळशीराम दा. कराड – ट्रस्टी,डॉ. वीरेंद्र एस. घैसास – उपाध्यक्ष व ट्रस्टी,
डॉ. सुचित्रा नागरे – प्रबंध ट्रस्टी,प्रा. स्वाति एम. चाटे – सचिव व ट्रस्टी,डॉ. सुनील के. कराड – खजिनदार व ट्रस्टी,प्रा. ज्योति ढाकणे – उपाध्यक्ष व ट्रस्टी,
इसकी जानकारी संस्थान के कुलसचिव डॉ. रत्नदीप जोशी द्वारा दी गई।
उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम दृक-श्राव्य माध्यम से संस्थान के लगभग 80,000 विद्यार्थियों तक प्रसारित किया जाएगा।
साथ ही उन्होंने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों और नागरिकों से इस विशेष कार्यक्रम का लाभ उठाने और सहभागी बनने का आग्रह किया है।



