
प्रारूप प्रभाग रचना पर डॉ. हुलगेश चलवादी की आपत्ति
पुणे महानगर पालिका के उपायुक्त को सौंपा गया निवेदन
प्रारूप प्रभाग रचना रद्द करने की मांग
पुणे :सत्ताधारी दल को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से पुणे महानगर पालिका द्वारा की गई प्रारूप प्रभाग रचना पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हुए हैं। आगामी पालिका चुनावों की पृष्ठभूमि में प्रकाशित इस प्रारूप रचना पर बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव, पश्चिम महाराष्ट्र ज़ोन के मुख्य प्रभारी एवं पूर्व नगरसेवक डॉ. हुलगेश चलवादी ने आपत्ति दर्ज की है।
इस संदर्भ में शुक्रवार (29 अगस्त) को डॉ. चलवादी ने बसपा शिष्टमंडल का नेतृत्व करते हुए पुणे मनपा के चुनाव विभाग के उपायुक्त वसंत काटकर को निवेदन सौंपा और हरकत दर्ज कराई। इस अवसर पर पार्टी के जिला महासचिव प्रविण वाकोड़े, अनिल त्रिपाठी तथा शिवाजीनगर विधानसभा क्षेत्र के पदाधिकारी किशोर अडागळे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
बसपा का आरोप है कि पुणे मनपा की प्रारूप प्रभाग रचना पूर्णत: भौगोलिक और प्राकृतिक परिस्थिति के विरुद्ध तथा त्रुटिपूर्ण है। नई तैयार रचना के अनुसार विभिन्न प्रभागों में मतदाताओं की संख्या 30 से 40 हज़ार तक कम-ज्यादा है, जो कि कानून के विपरीत है।
डॉ. चलवादी ने कहा कि पुणे के मध्यवर्ती क्षेत्रों (पेठों) में प्रभागों को छोटा कर उनकी संख्या बढ़ाई गई है। सत्ताधारी दल को लाभ पहुँचाने हेतु 50 प्रतिशत से अधिक प्रारूप प्रभाग उनके अनुकूल तैयार किए गए हैं। यह रचना मतदाताओं के अधिकारों का हनन है और देशद्रोह के समान है।
उन्होंने आगे कहा कि उपनगरों के गाँवों को भी मनपा की इस रचना में 2 या अधिक हिस्सों में विभाजित कर विकास कार्यों में बाधा डालने का प्रयास किया गया है। प्रभागों की नामावली भी गलत ढंग से तय की गई है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के योग्य उम्मीदवारों के लिए बाधा उत्पन्न हो, इस प्रकार की संरचना जानबूझकर की गई है।
पुणे को शिक्षा का केंद्र माना जाता है, जहाँ सुशिक्षित, ईमानदार, मेहनतकश, मध्यमवर्गीय और सभी जाति-धर्म के नागरिक सौहार्द्रपूर्वक रहते हैं। ऐसे शहर में प्रशासन पर यह संवैधानिक दायित्व है कि संविधान की भावना के अनुरूप, न्यायसंगत और निष्पक्ष प्रभाग रचना की जाए।
डॉ. चलवादी ने मांग की है कि पुणे मनपा की यह त्रुटिपूर्ण प्रारूप प्रभाग रचना तत्काल रद्द की जाए और नागरिकों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए, समानता व न्याय सुनिश्चित करने वाली नई प्रभाग रचना बनाई जाए।

